अपने बच्चों के सुनहरे भविष्य का सपना हर माता-पिता देखते हैं, लेकिन बढ़ती महंगाई के दौर में अच्छी शिक्षा का खर्च उठाना कभी-कभी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों को एक बड़ी राहत देती है, जिसे चिल्ड्रन एजुकेशन अलाउंस (CEA) कहा जाता है। हाल ही में सरकार ने इस भत्ते को लेकर जारी कुछ भ्रमों को दूर करने के लिए नए दिशा-निर्देश (FAQs) जारी किए हैं, ताकि कर्मचारियों को क्लेम लेने में कोई दिक्कत न हो।
क्या है यह योजना और कितनी मिलेगी राशि?
चिल्ड्रन एजुकेशन अलाउंस का सीधा उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों के बच्चों की पढ़ाई, स्कूल ड्रेस, किताबों और हॉस्टल के खर्चों में आर्थिक मदद देना है। ताज़ा जानकारी के अनुसार, अब केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों को प्रति बच्चा ₹2,812.5 प्रति माह दे रही है। अगर सालाना आधार पर देखें, तो यह रकम ₹33,750 प्रति बच्चा बनती है।
कौन से बच्चे होंगे इस लाभ के पात्र?
सरकार ने इस योजना के लिए कुछ पात्रता शर्तें तय की हैं, जिन्हें समझना जरूरी है:
* उम्र की सीमा: सामान्य बच्चों के लिए यह लाभ 21 वर्ष की आयु तक मिलता है। वहीं, अगर बच्चा दिव्यांग है, तो उम्र सीमा बढ़ाकर 22 वर्ष की गई है।
* बच्चों की संख्या: यह लाभ परिवार के केवल दो सबसे बड़े बच्चों के लिए ही देय है। हालांकि, यदि दूसरी बार में जुड़वां बच्चे होते हैं, तो सरकार उन सभी बच्चों के लिए भत्ता देती है।
* कक्षा और कोर्स: यह अलाउंस नर्सरी से लेकर 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई के लिए मिलता है। इसके अलावा, 12वीं के बाद किए जाने वाले किसी भी 2 साल के डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स के लिए भी दावा किया जा सकता है।
* शिक्षा का माध्यम: यदि बच्चा रेगुलर स्कूल नहीं जा रहा और पत्राचार (Correspondence) या डिस्टेंस लर्निंग से पढ़ाई कर रहा है, तब भी कर्मचारी इस राशि को पाने का हकदार है।
स्कूल की मान्यता है अनिवार्य
पैसा क्लेम करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि बच्चा जिस स्कूल या संस्थान में पढ़ रहा है, वह मान्यता प्राप्त होना चाहिए। वह स्कूल चाहे केंद्र सरकार, राज्य सरकार, CBSE, ICSE या किसी भी अधिकृत बोर्ड से संबद्ध हो, तभी आप इस भत्ते का लाभ उठा पाएंगे।
चिल्ड्रन एजुकेशन अलाउंस का क्लेम वित्त वर्ष (Financial Year) के अंत में किया जाता है। इसके लिए आपको बहुत ज्यादा कागजी कार्रवाई की जरूरत नहीं होती। आपको बस अपने बच्चे के स्कूल के प्रिंसिपल या हेड से एक साधारण प्रमाण पत्र (Certificate) लेना होगा। इस सर्टिफिकेट में यह स्पष्ट लिखा होना चाहिए कि आपका बच्चा उस शैक्षणिक वर्ष में उस स्कूल का नियमित छात्र रहा है। इस सर्टिफिकेट को जमा करके आप आसानी से अपनी हकदारी पा सकते हैं।