Post Office: अगर आपका पोस्ट ऑफिस में सेविंग अकाउंट है, तो अब आपके लिए बड़ी खुशखबरी है। इंडिया पोस्ट ने ग्राहकों के लिए नई पर्सनलाइज्ड चेक बुक सर्विस शुरू कर दी है। अब चेक बुक पर खाताधारक का नाम, अकाउंट नंबर और IFSC पहले से प्रिंट होकर आएगा। इतना ही नहीं, यह चेक बुक सीधे आपके घर तक मुफ्त पहुंचाई जाएगी। इस नई सर्विस से पोस्ट ऑफिस ग्राहकों को बैंक जैसी लेटेस्ट सर्विस मिलेगी।
इंडिया पोस्ट ने पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट (POSA) धारकों के लिए एक नई सर्विस शुरू की है। अब ग्राहकों को पर्सनलाइज्ड चेक बुक मिलेगी, जिसमें उनका नाम, अकाउंट नंबर और IFSC पहले से प्रिंट होगा। यह सर्विस 8 मई 2026 से लागू हो गई है। इससे पोस्ट ऑफिस ग्राहकों को बैंक जैसी बेहतर सर्विस मिलने लगेगी।
पहले पोस्ट ऑफिस से मिलने वाली चेक बुक पर खाताधारक का नाम या अकाउंट नंबर नहीं छपा होता था। इससे कई बार ग्राहकों को परेशानी होती थी। लेकिन अब नई पर्सनलाइज्ड चेक बुक में ग्राहक की जरूरी जानकारी पहले से प्रिंट होकर आएगी। इससे चेक इस्तेमाल करना आसान और ज्यादा सेफ हो जाएगा।
सबसे बड़ी राहत यह है कि अब ग्राहकों को चेक बुक लेने के लिए बार-बार पोस्ट ऑफिस नहीं जाना पड़ेगा। नई पर्सनलाइज्ड चेक बुक सीधे ग्राहक के रजिस्टर्ड पते पर मुफ्त भेजी जाएगी। अभी तक ज्यादातर चेक बुक पोस्ट ऑफिस काउंटर से ही मिलती थीं।
अगर कोई ग्राहक पर्सनलाइज्ड चेक बुक लेना चाहता है, तो उसे पोस्ट ऑफिस में आवेदन देना होगा। विभाग ने बताया है कि जल्द ही यह सर्विस इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग के जरिए भी उपलब्ध कराई जाएगी। हालांकि, पुराने तरीके वाली इंस्टेंट चेक बुक भी जारी रहेगी, जिसमें नाम और अकाउंट डिटेल्स प्रिंट नहीं होंगी।
ग्राहकों के लिए यह सर्विस लेना जरूरी नहीं है। वे अपनी जरूरत के अनुसार इंस्टेंट चेक बुक या पर्सनलाइज्ड चेक बुक में से कोई भी विकल्प चुन सकते हैं। इंस्टेंट चेक बुक सिर्फ पोस्ट ऑफिस काउंटर पर मिलेगी, जबकि पर्सनलाइज्ड चेक बुक घर तक पहुंचाई जाएगी।
पर्सनलाइज्ड चेक बुक लेने के लिए कुछ जरूरी शर्तें भी रखी गई हैं। ग्राहक का मोबाइल नंबर अकाउंट से लिंक होना चाहिए। खाते में कम से कम 500 रुपये बैलेंस होना जरूरी है। इसके अलावा 20 रुपये चेक बुक चार्ज और GST देना होगा। अगर अकाउंट फ्रीज या डॉर्मेंट है, तो चेक बुक का अनुरोध स्वीकार नहीं किया जाएगा।
अगर किसी कारण से चेक बुक ग्राहक तक नहीं पहुंच पाती, तो उसे पोस्ट ऑफिस में वापस भेज दिया जाएगा। वहां इसे 45 दिनों तक सुरक्षित रखा जाएगा। इसके बाद बिना डिलीवरी वाली चेक पत्तियों को सिस्टम में स्पॉइल्ड घोषित कर दिया जाएगा।