ECHS: सरकारी कर्मचारियों को होगा फायदा, 15 दिसंबर से बदल जाएंगे नियम

ECHS: पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए एक बड़ी खबर आई है। ECHS ने इलाज के दामों में बदलाव कर दिया है। अब इलाज के दाम वही होंगे, जो सरकार ने CGHS की नई सूची में तय किए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसकी नोटिफिकेशन जारी कर दिया है

अपडेटेड Dec 08, 2025 पर 6:44 PM
ECHS: पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए एक बड़ी खबर आई है।

ECHS: पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए एक बड़ी खबर आई है। ECHS ने इलाज के दामों में बदलाव कर दिया है। अब इलाज के दाम वही होंगे, जो सरकार ने CGHS की नई सूची में तय किए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसकी नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। ये नई दरें 15 दिसंबर 2025 से लागू हो जाएंगी। इस बदलाव से लाखों पूर्व सैनिक परिवारों को फायदा मिलेगा, क्योंकि अब ओपीडी, भर्ती का इलाज, दवाइयां और बिल वापसी—सबके दाम नए हिसाब से तय होंगे।

पहले की तरह कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती रहेगी। अब अस्पताल और शहर के हिसाब से तय होगा खर्च। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि इलाज का खर्च अब इस बात पर निर्भर करेगा कि अस्पताल कितना अच्छा है। अस्पताल किस शहर में है।

कुछ अहम बातें


जिन अस्पतालों के पास क्वालिटी की मान्यता नहीं है, उन्हें सरकार पहले से 15% कम पैसे देगी।

बड़े और उन्नत अस्पतालों को 15% ज्यादा पैसे मिलेंगे।

शहरों के हिसाब से नया सिस्टम

बड़े शहर (Tier-1) – पूरी दर

मध्यम शहर (Tier-2) – 10% कम

छोटे शहर (Tier-3) – 20% कम

पूर्वोत्तर क्षेत्र, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को भी Tier-2 में रखा गया है। यानी अब दिल्ली, गुवाहाटी या किसी छोटे शहर—हर जगह इलाज का दाम अलग होगा। कौन-सा वार्ड मिलेगा, उसके आधार पर भी बदलेंगे दाम।

नई दरें सेमी-प्राइवेट वार्ड को आधार मानकर बनाई गई हैं।

जनरल वार्ड वाले मरीज को 5% कम दाम

सेमी-प्राइवेट – सामान्य दाम

प्राइवेट वार्ड – 5% ज्यादा दाम

ओपीडी, कुछ खास इलाज, जाँच और डे-केयर जैसी सेवाओं के दाम सभी के लिए एक जैसे रहेंगे। कैंसर के ऑपरेशन पुराने दाम पर ही होंगे, लेकिन कीमोथेरेपी और रेडिएशन नए दामों पर होंगे।

दाम लगाने का आसान तरीका

अगर किसी इलाज की मूल कीमत A है।

जनरल वार्ड: A – 5%

सेमी-प्राइवेट: A

प्राइवेट वार्ड: A + 5%

अस्पताल मरीज के कार्ड में दर्ज वार्ड के हिसाब से बिल बनाएगा।

यह बदलाव क्यों जरूरी था?

ECHS देशभर में लाखों पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को सेना के अस्पतालों, पॉलीक्लिनिक और निजी अस्पतालों में इलाज की सुविधा देता है। नई दरों से व्यवस्था और साफ-सुथरी होगी हर मरीज को पता रहेगा कि किस शहर और किस अस्पताल में कितना खर्च तय है। इलाज करवाना और भी आसान और पारदर्शी हो जाएगा।

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