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NPS vs UPS: बड़ी राहत! NPS में वापस आ सकते हैं UPS चुन चुके कर्मचारी, सरकार ने दिया आखिरी मौका

NPS vs UPS: केंद्र सरकार ने UPS चुन चुके कर्मचारियों को आखिरी मौका दिया है कि वे चाहें तो NPS में स्विच कर सकते हैं। यह विकल्प सिर्फ एक बार मिलेगा। NPS में जाने पर पेंशन बाजार के रिटर्न के हिसाब से होगी और निश्चित पेंशन की गारंटी खत्म हो जाएगी। जानिए NPS और UPS के फायदे और दोनों के बीच अंतर।

Suneel Kumarअपडेटेड Aug 26, 2025 पर 3:02 PM
NPS vs UPS: बड़ी राहत! NPS में वापस आ सकते हैं UPS चुन चुके कर्मचारी, सरकार ने दिया आखिरी मौका
अगर कर्मचारी UPS से NPS में स्विच कर लेते हैं तो फिर उन पर NPS के नियम लागू होंगे।

NPS vs UPS: केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए पेंशन से जुड़ा एक बड़ा फैसला लिया है। अब जिन कर्मचारियों ने यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) चुना है, उन्हें एक खास मौका दिया गया है कि वे चाहें तो अपनी पेंशन योजना को बदलकर नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में जा सकते हैं।

इसका मतलब है कि अगर किसी सरकारी कर्मचारी ने जल्दबाजी में UPS चुन लिया। लेकिन, अब उसे लगता है कि NPS ज्यादा फायदेमंद है, तो वह  NPS  में वापस आ सकता है। हालांकि, यह मौका सिर्फ एक बार मिलेगा और फिर वापसी का विकल्प नहीं होगा।

क्या है सरकार का नया नियम?

वित्त मंत्रालय ने कहा है कि UPS वाले कर्मचारी रिटायरमेंट से एक साल पहले तक या अगर वे स्वैच्छिक रिटायरमेंट (VRS) ले रहे हैं तो रिटायरमेंट से तीन महीने पहले तक NPS में स्विच कर सकते हैं। यह सुविधा उन कर्मचारियों पर भी लागू होगी जो Rule 56J के तहत रिटायर या इस्तीफा देते हैं। लेकिन, अगर कोई तय समय पर यह विकल्प नहीं चुनता है तो उसे उसी UPS में रहना होगा।

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