अगर आपने किसी कंपनी में 5 साल पूरे होने से पहले नौकरी छोड़ दी है, तो क्या आपको ग्रेच्युटी मिलेगी? इस सवाल को लेकर आज भी कई कर्मचारियों के मन में कन्फ्यूजन बना हुआ है। कुछ अदालतों ने 4 साल 240 दिन काम करने वालों को ग्रेच्युटी का हकदार माना है, जबकि कुछ फैसलों में पूरे 5 साल की नौकरी जरूरी बताई गई है। ऐसे में कर्मचारियों और कंपनियों दोनों के लिए यह नियम अब भी पूरी तरह साफ नहीं है।
आमतौर पर ग्रेच्युटी पाने के लिए किसी कर्मचारी को एक ही कंपनी में लगातार 5 साल काम करना जरूरी माना जाता है। हालांकि, कई मामलों में अदालतों ने 4 साल और 240 दिन की सर्विस को भी 5 साल के बराबर माना है। HR और कंप्लायंस फर्म Core Integra के कम्पलॉएंस एडवाइजरी मुनाब अली बेग के मुताबिक, 5 साल की लगातार सर्विस पूरी करने वाले कर्मचारी निश्चित रूप से ग्रेच्युटी के हकदार होते हैं। लेकिन 5 साल से पहले नौकरी छोड़ने वालों के मामले में कानूनी व्याख्या अलग-अलग हो सकती है।
4 साल 240 दिन वाला नियम क्या है?
ग्रेच्युटी को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा 4 साल और 240 दिन के नियम को लेकर होती है। मद्रास हाईकोर्ट ने Mettur Beardsell मामले में कहा था कि अगर किसी कर्मचारी ने 4 साल लगातार काम किया है और पांचवें साल में 240 दिन पूरे कर लिए हैं, तो उसे ग्रेच्युटी मिल सकती है। अदालत ने 240 वर्किंग डेज को एक साल की निरंतर सर्विस के बराबर माना था।
हालांकि, दूसरी तरफ कर्नाटक हाईकोर्ट ने Alvas Institute of Engineering and Technology मामले में अलग राय दी। अदालत ने कहा कि अगर कर्मचारी स्वेच्छा से इस्तीफा देता है, तो उसे ग्रेच्युटी के लिए पूरे 5 साल की सर्विस पूरी करनी होगी। इसी वजह से अलग-अलग कंपनियां और कर्मचारी इस नियम को अलग तरीके से समझते हैं।
क्या कहता है नया सोशल सिक्योरिटी कोड?
सोशल सिक्योरिटी कोड 2020 के तहत भी लगातार सर्विस की परिभाषा दी गई है। इसमें कहा गया है कि 6 दिन काम करने वाले संस्थानों में 240 दिन और 5 दिन काम करने वाले संस्थानों में 190 दिन की सर्विस को एक साल माना जाएगा। इसके अलावा बीमारी, दुर्घटना, छुट्टी, हड़ताल या लॉकआउट जैसी स्थितियों में काम बाधित होने पर भी उसे निरंतर सर्विस में गिना जाएगा।
किन कर्मचारियों को 5 साल से पहले भी मिल सकती है ग्रेच्युटी?
कुछ मामलों में कर्मचारी 5 साल पूरे किए बिना भी ग्रेच्युटी के पात्र हो सकते हैं। इसमें नीचे बताए कारण शामिल है।
कर्मचारी की मृत्यु होने पर।
Fixed-term contract पर काम करने वाले कर्मचारियों के मामले में।
कानूनी व्याख्या के आधार पर 4 साल 240 दिन पूरा करने पर।
ग्रेच्युटी कैसे होती है कैलकुलेट?
ग्रेच्युटी की कैलकुलेशन कर्मचारी के वेतन के आधार पर तय होता है। इसमें कर्मचारी की मंथली सैलरी को 26 से भाग देकर 15 दिन के वेतन के हिसाब से रकम निकाली जाती है और फिर उसे कुल सर्विस के सालों से गुणा किया जाता है।