GST : हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंश के प्रीमियम पर GST से राहत मिल सकती है। राजस्थान में 21 और 22 दिसंबर होने वाली GST काउंसिल की बैठक में इस पर फैसला आ सकता है। GST काउंसिल की बैठक के पूरे एजेंडा के बारे में बताते हुए सीएनबीसी-आवाज़ आलोक प्रियदर्शी ने कहा कि बीमा प्रीमियम की GST पर राहत संभव है। जलद ही हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस के प्रीमियम पर GST से राहत मिल सकती है। सीनियर सिटीजन के लिए GST पूरी तरह से माफ हो सकता है। सभी के लिए 5 लाख रुपए तक के कवरेज पर GST माफ हो सकता है। टर्म और ग्रुप लाइफ इंश्योरेंस पर GST हटाने की सिफारिश की गई है। इस पर ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स ने अपनी रिपोर्ट GST काउंसिल को भेजी है। बता दें कि अभी हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस के प्रीमीयम पर 18 फीसदी GST लगता है।
बताते चलें कि GoM ने हेल्थ बीमा प्रोडक्टस पर सीनियर सिटीजन के लिए जीएसटी को समाप्त करने का प्रस्ताव दिया है। GoM ने 5 लाख रुपये तक के स्वास्थ्य बीमा उत्पादों पर जीएसटी को बिना इनपुट टैक्स क्रेडिट की अनुमति के 18 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी करने का सुझाव दिया है। साथ ही GoM ने जीवन बीमा प्रीमियम, विशेषकर टर्म इंश्योरेंस, पर जीएसटी को पूरी तरह से समाप्त करने की सिफारिश की है।
बीमा ब्रोकर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष सुमित बोहरा का कहना है कि यह पहल वरिष्ठ नागरिकों के लिए वित्तीय राहत प्रदान करेगीय़ वहीं अन्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि जीएसटी को पूरी तरह समाप्त किया गया तो इससे बीमा कंपनियों के ऑपरेशन कॉस्ट में वृद्धि हो सकती है, जिससे प्रीमियम में बढ़ोतरी हो सकती है।
GST काउंसिल की बैठक का एजेंडा: सूत्र
सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक मास कंजम्प्शन वाले आइटम्स के दरों में कटौती संभव है। साथ ही कुछ लक्जरी आइटम्स पर GST दरों में बढ़ोत्तरी भी संभव है। सूत्रों के मुताबिक 20 लीटर से ज्यादा पैकेज्ड वाटर पर 5 फीसदी GST संभव है। 10 हजार से कम की साइकिल पर 5 फीसदी GST लग सकता है। वहीं, बच्चों की एक्सरसाइज नोटबुक पर 12 फीसदी से 5 फीसदी GST संभव है। महंगे जूते और घड़ियों पर GST को 28 फीसदी किया जा सकता है। 12 फीसदी और 18 फीसदी स्लैब के मर्जर पर सहमति नहीं बनी है। इसके साथ ही GoM में रेट रेशनलाइजेशन का कई राज्यों ने विरोध किया है।