HDFC Bank: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मौद्रिक नीति के ऐलान के बाद HDFC Bank ने अपने ग्राहकों को थोड़ी राहत दी है। बैंक ने कुछ चुनिंदा पीरियड के लिए MCLR यानी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट में बदलाव किया है। इसका फायदा उन ग्राहकों को मिलेगा, जिनके लोन MCLR से जुड़े हुए हैं। नई दरें 7 फरवरी 2026 से लागू हो चुकी हैं।
क्या बदला है HDFC Bank का MCLR?
HDFC Bank ने तीन साल की पीरियड वाले MCLR में 5 बेसिस प्वाइंट 0.05% की कटौती की है। हालांकि, बैंक ने बाकी सभी पीरियड की MCLR दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। इसका मतलब है कि केवल उन्हीं लोन ग्राहकों को राहत मिलेगी, जिनका लोन तीन साल की MCLR से लिंक है।
अब कितनी है HDFC Bank की MCLR रेंज?
बदलाव के बाद HDFC Bank की MCLR दरें अलग-अलग पीरियड के हिसाब से 8.25% से 8.60% के बीच हैं। पहले यह रेंज 8.25% से 8.55% थी। यानी कुल मिलाकर बदलाव बहुत बड़ा नहीं है, लेकिन लंबी पीरियड के लोन लेने वालों के लिए यह थोड़ी राहत जरूर है।
किन दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ?
बैंक ने ओवरनाइट, एक महीने, तीन महीने, छह महीने, एक साल और दो साल की MCLR दरों को पहले जैसा ही रखा है। इन सभी पीरियड पर लोन लेने वालों की EMI में फिलहाल कोई बदलाव नहीं होगा। सिर्फ तीन साल की MCLR से जुड़े लोन की EMI में मामूली राहत मिल सकती है।
RBI के फैसले का क्या असर पड़ा?
भारतीय रिजर्व बैंक ने 6 फरवरी 2026 को अपनी मौद्रिक नीति बैठक में रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखा। RBI ने दिसंबर 2025 में रेपो रेट में 0.25% की कटौती की थी। इस बार दरें न बदलने के बावजूद HDFC Bank ने अपने स्तर पर तीन साल की MCLR में कटौती की है।
MCLR वह न्यूनतम ब्याज दर होती है, जिस पर बैंक लोन दे सकता है। यह बैंक की फंडिंग कॉस्ट पर आधारित होती है। अगर आपका होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन MCLR से लिंक है, तो MCLR घटने पर आपकी EMI भी घट सकती है।
HDFC Bank की बेस रेट 8.80% है, जो 26 दिसंबर 2025 से लागू है। वहीं बैंक की बेंचमार्क PLR 17.30% है। फिक्स्ड डिपॉजिट की बात करें तो बैंक सामान्य ग्राहकों को 2.75% से 6.45% और सीनियर सिटीजन को 3.25% से 6.95% तक ब्याज दे रहा है। अगर आपका लोन तीन साल की MCLR से जुड़ा है, तो आपको थोड़ी राहत मिल सकती है। बाकी ग्राहकों को फिलहाल इंतजार करना होगा।