HDFC Bank News: क्या एचडीएफसी बैंक के ग्राहकों को चिंता करने की जरूरत है? जानिए एक्सपर्ट्स का क्या है कहना

एचडीएफसी बैंक के पार्ट टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने 18 मार्च को इस्तीफा दे दिया। इसके बाद बैंक ने पूर्व एग्जिक्यूटिव केकी मिस्त्री को अंतरिम चेयरमैन नियुक्त कर दिया। यह नियुक्ति 3 महीने के लिए हुई है। इस बीच बैंक को नए चेयरमैन की तलाश करनी होगी

अपडेटेड Mar 19, 2026 पर 1:52 PM
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RBI ने कहा है कि एचडीएफसी बैंक के कंडक्ट या गवर्नेंस को लेकर चिंता की कोई बात नहीं है।

एचडीएफसी बैंक की टॉप लीडरशिप में बदलाव का असर 19 मार्च को इसके शेयरों पर पड़ा। शुरुआती कारोबार में बैंक का शेयर काफी गिर गया। हालांकि, बाद में वह काफी हद तक संभलने में सफल रहा। सवाल है कि बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे से क्या बैंक के ग्राहकों को चिंता करने की जरूरत है?

एचडीएफसी बैंक पर किसी तरह का वित्तीय दबाव नहीं

एनालिस्ट्स का कहना है कि HDFC Bank के पार्ट टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे से बैंक के डिपॉजिटर्स को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि बैंक के पास पर्याप्त पूंजी है। बैंक पर किसी तरह के वित्तीय दबाव का संकेत नहीं है। लिक्विडिटी का भी कोई मसला नहीं है। चक्रवर्ती ने 18 मार्च को तुरंत प्रभाव से पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने बैंक में कुछ प्रैक्टिसेज को लेकर कहा कि वे उनके मूल्यों और नैतिकता से मेल नहीं खाते।


केकी मिस्त्री तीन महीने के लिए चेयरमैन नियुक्त

आरबीआई ने एचडीएफसी ग्रुप के पूर्व एग्जिक्यूटिव केकी मिस्त्री की चेयरमैन पद नियुक्ति को मंजूरी दे दी। यह नियुक्ति तीन महीने के लिए की गई है। केंद्रीय बैंक ने यह भी कहा है कि एचडीएफसी बैंक के कंडक्ट या गवर्नेंस को लेकर चिंता की कोई बात नहीं है। मिस्त्री ने भी 19 मार्च कॉन्फ्रेंस कॉल में कहा कि बैंक का गवर्नेंस स्ट्रॉन्ग बना हुआ है।

बैंक के कामकाज पर चक्रवर्ती के इस्तीफे का असर नहीं

मिस्त्री ने कहा कि एचडीएफसी बैंक से जुड़े मसले का बैंक के वित्तीय प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं है। इसका बैंक के ऑपरेशनल प्रॉफिटबिलिटी से भी कोई नाता नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि बैंक इस मामले से स्वच्छ होकर बाहर आएगा। उन्होंने कहा कि एचडीएफसी बैंक फाइनेंशियल सेक्टर में सबसे स्ट्रॉन्ग गवर्नेंस फ्रेमवर्क में से एक का पालन करता है।

डिपॉजिटर्स को किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं

मार्केट ऑब्जर्वर्स का भी कहना है कि एचडीएफसी बैंक के डिपॉजिटर्स को इस मसले को लेकर किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। किंग स्टब एंड कसिवा के पार्टनर आदित्य भट्टाचार्य ने कहा, "डिपॉजिटर्स को अभी किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। बैंक के पास पर्याप्त पैसा है। इस पर किसी तरह का वित्तीय दबाव नहीं है। लिक्विडिटी से जुड़ा कोई मसला भी नहीं है।"

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19 मार्च को बैंक के शेयरों में गिरावट 

एचडीएफसी बैंक के शेयरों में 19 मार्च को बड़ी गिरावट आई। हालांकि, बाद में खासकर आरबीआई के बयान के बाद बैंक के शेयरों में रिकवरी देखने को मिली। 1:34 बजे बैंक का शेयर 3.94 फीसदी गिरकर 809 रुपये पर चल रहा था। यह देश का सबसे बड़ा प्राइवेट बैंक है।

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