HDFC-HDFC Bank merger: देश की सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर बैंक HDFC Bank और हाउसिंग फाइनेंस कंपनी HDFC के बीच मर्जर का प्रोसेस जल्द पूरा हो जाएगा। अगर खबरों की मानें तो ये जून तक पूरा हो सकता है। HDFC-HDFC Bank मर्जर का असर लोन लेने वाले ग्राहकों, सेविंग अकाउंट, सैलरी अकाउंट और फिक्सड डिपॉजिट ग्राहकों पर पड़ने वाला है। ये मर्जर होने के बाद कई नियमों में बदलाव होगा जिसका सीधार असर ग्राहकों पर पड़ेगा। एचडीएफसी की वेबसाइट के अनुसार उसके पास लगभग 21 लाख जमा खाते हैं। आइए जानें कि विलय के बाद इन बैंक के इन ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा।
HDFC बैंक-HDFC मर्जर: बदल जाएंगी FD की ब्याज दरें
एचडीएफसी बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दरें आमतौर पर हाउसिंग फाइनेंस कंपनी एचडीएफसी की दी जाने वाली ब्याज दरों से कम रही हैं। उदाहरण के लिए यदि आप एचडीएफसी में 66 महीने के पीरियड के लिए 2 करोड़ रुपये से कम की एफडी में निवेश करते हैं, तो आपको 8 मई 2023 तक 7.45 प्रतिशत का सालाना ब्याज मिलेगा।
एचडीएफसी बैंक-एचडीएफसी मर्जर: सीनियर सिटीजन के लिए क्या है खास?
सीनियर सिटीजन के लिए हाउसिंग फाइनेंस कंपनी 2 लाख रुपये तक की जमा राशि पर 0.25 प्रतिशत की एक्सट्रा ब्याज दर देती है। हालांकि, एचडीएफसी बैंक सीनियर सिटीजन एफडी पर 0.50 प्रतिशत की अतिरिक्त ब्याज दर देती है। आप देख सकते हैं कि एचडीएफसी और एचडीएफसी बैंक की दी जाने वाली ब्याज दरों में अंतर है।
मर्जर को मिल चुकी है मंजूरी
एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) ने इस हफ्ते कहा कि बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (Sebi) ने एचडीएफसी एएमसी (HDFC AMC) के कंट्रोल में प्रस्तावित बदलाव को अंतिम मंजूरी दे दी है। इसके अलावा सेबी ने एचडीएफसी एएमसी को सेबी (वैकल्पिक निवेश कोष) विनियम, 2012 के अन्य सभी प्रावधानों और उसके तहत जारी परिपत्रों का अनुपालन सुनिश्चित करने की भी सलाह दी है। यह मंजूरी एचडीएफसी के एचडीएफसी बैंक में विलय का रास्ता आसान करने में मदद करेगी। यह विलय अगले वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही तक पूरा होने की उम्मीद है।
बता दें कि एचडीएफसी का एचडीएफसी बैंक में विलय भारत के कॉर्पोरेट इतिहास का अब तक सबसे बड़ा ट्रांजेक्शन माना जा रहा है। एचडीएफसी बैंक ने पिछले साल 4 अप्रैल को लगभग 40 अरब अमरीकी डालर के सौदे में देश की सबसे बड़ी हाउसिंग लोन कंपनी एचडीएफसी के अपने साथ विलय के लिए सहमति व्यक्त की थी। इस विलय को बाद देश में एक दिग्गज फाइनेंशियल सर्विस कंपनी बनेगी जिसका कम्बाइंड एसेट बेस करी 18 लाख करोड़ रुपए का होगा।