सरकार लाएगी कैंसर के लिए हेल्थ इंश्योरेंस, सरकार को मिलेगी राहत

भारत में कैंसर के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कैंसर के इलाज का खर्च इतना अधिक है कि आम लोगों के लिए इसे उठाना आसान नहीं है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रही है

अपडेटेड Aug 26, 2025 पर 6:42 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
भारत में कैंसर के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

भारत में कैंसर के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कैंसर के इलाज का खर्च इतना अधिक है कि आम लोगों के लिए इसे उठाना आसान नहीं है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रही है। राज्यसभा की याचिका समिति ने हाल ही में अपनी 163वीं रिपोर्ट में सुझाव दिया है कि कैंसर मरीजों के लिए डायग्नोस्टिक पैकेज तैयार किए जाएं। समिति का मानना है कि अगर कैंसर जांच और इलाज से जुड़े पैकेज तय दरों पर उपलब्ध कराए जाएं तो ज्यादा से ज्यादा लोग इसका फायदा उठा सकेंगे।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जैसे 42 जरूरी कैंसर रोधी दवाओं पर राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) ने 30% प्रॉफिट मार्जिन की लिमिट तय की है। वैसे ही नियम कैंसर वैक्सीन, इम्यूनोथेरेपी और ओरल कीमोथेरेपी पर भी लागू होने चाहिए। इससे दवाओं और इलाज का खर्च नियंत्रित रहेगा और बीमा कंपनियां किफायती प्रोडक्ट उपलब्ध करा पाएंगी। समिति ने यह भी सिफारिश की है कि ज्यादा से ज्यादा कैंसर अस्पताल और जांच केंद्र सरकारी फाइनेंस, निजी निवेश और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के जरिए तैयार किए जाएं।

समिति ने जोर दिया कि इन सुविधाओं को बीमा कंपनियों के नेटवर्क में जोड़ा जाए ताकि मरीजों को कैशलेस सर्विस मिल सकें। पैकेज तय करने से न केवल बीमा कंपनियों की लागत पर नियंत्रण मिलेगा बल्कि मरीजों और पॉलिसीधारकों को भी आर्थिक राहत मिलेगी। इसके साथ ही कैंसर की जांच और स्क्रीनिंग को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) जैसी प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं से जोड़ने और CGHS व ECHS में भी शामिल करने की सिफारिश की गई है। इससे प्राइवेट सेक्टर के डायग्नोस्टिक संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा और अधिक लोगों तक समय पर जांच और इलाज पहुंच पाएगा।


गौरतलब है कि कैंसर भारत में तेजी से फैल रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़ों के अनुसार, हर साल करीब 10 लाख से ज्यादा नए मामले दर्ज हो रहे हैं। साल 2023 में ही कैंसर के 14 लाख से अधिक केस सामने आए थे। अनुमान है कि देश में कैंसर के मामलों में सालाना करीब 2.5% की बढ़ोतरी हो रही है।

हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।