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Health Policy: क्या आपके पास दो हेल्थ पॉलिसीज हैं? तो जान लीजिए जरूरत पड़ने पर किस तरह कर सकते हैं इस्तेमाल

अगर आपके पास दो हेल्थ पॉलिसीज हैं तो एक ही इलाज खर्च को आप दो बार क्लेम नहीं कर सकते। इश्योरेंस क्षति की भरपाई के सिद्धांत पर काम करता है। इसका मतलब है कि इंश्योरेंस पॉलिसी इलाज पर आने वाली एक्चुअल कॉस्ट को कवर करती है। यह क्लेम से प्रॉफिट कमाने की इजाजत नहीं देती है

Your Money Deskअपडेटेड Mar 18, 2026 पर 7:42 PM
Health Policy: क्या आपके पास दो हेल्थ पॉलिसीज हैं? तो जान लीजिए जरूरत पड़ने पर किस तरह कर सकते हैं इस्तेमाल
दो हेल्थ पॉलिसीज होने पर इंश्योरेंस कंपनियां 'कंट्रिब्यूशन क्लॉज' का इस्तेमाल करती हैं।

कई लोगों के पास दो हेल्थ पॉलिसी होती है। खासकर नौकरी करने वाले लोगों के साथ ऐसा होता है। एक पॉलिसी एंप्लॉयर की तरफ से मिलती है। दूसरी पॉलिसी खुद खरीदी गई पॉलिसी होती है। एक्सपर्ट्स भी लोगों को खुद की हेल्थ पॉलिसी रखने की सलाह देते हैं। इसकी वजह यह है कि जॉब स्विच करने में एंप्लॉयीज जैसे ही पहली कंपनी से इस्तीफा देता है, कंपनी की तरफ से ऑफर की गई हेल्थ पॉलिसी बंद हो जाती है। ऐसी स्थिति में जरूरत पड़ने पर खुद की हेल्थ पॉलिसी काम आती है। सवाल है कि क्या एक ही ट्रीटमेंट के लिए दोनों पॉलिसी का इस्तेमाल हो सकता है?

एक ही इलाज खर्च को दो बार क्लेम नहीं कर सकते

अगर आपके पास दो हेल्थ पॉलिसीज हैं तो एक ही इलाज खर्च को आप दो बार क्लेम नहीं कर सकते। इश्योरेंस क्षति की भरपाई के सिद्धांत पर काम करता है। इसका मतलब है कि इंश्योरेंस पॉलिसी इलाज पर आने वाली एक्चुअल कॉस्ट को कवर करती है। यह क्लेम से प्रॉफिट कमाने की इजाजत नहीं देती है। अगल हॉस्पिटल का पूरा बिल किसी एक पॉलिसी के तहत कवर हो जाता है आप किसी एक इंश्योरेंस कंपनी के पास क्लेम फाइल कर सकते हैं। ऐसे में दूसरी पॉलिसी के इस्तेमाल की जरूरत नहीं पड़ती है।

हॉस्पिटल का बिल ज्यादा होने पर दूसरी पॉलिसी का इस्तेमाल

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