बच्चों को म्यूचुअल फंड्स या शेयर गिफ्ट में देना चाहते हैं? जानिए क्या है इसका प्रोसेस

आप किसी को शेयर या म्यूचुअल फंड गिफ्ट देना चाहते हैं तो सबसे आपको यह देखना होगा कि आप जिसे गिफ्ट देने जा रहे हैं वह बालिग है या नाबालिग है। अगर गिफ्ट लेने वाले की उम्र 18 साल से कम है तो इनवेस्टमेंट उसके नाम में होना चाहिए। लेकिन, उसके नाम के साथ माता-पिता या अभिभावक (Guardian) का नाम होना चाहिए

अपडेटेड Mar 18, 2026 पर 6:24 PM
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यूनिट्स/शेयर ट्रांसफर करने के लिए डॉक्युमेंटेशन की जरूरत पड़ती है।

कई माता-पिता ऐसा रुपये-पैसे की जगह ऐसा उपहार देना चाहते हैं जिसकी वैल्यू समय के साथ बढ़ती जाए। उनके लिए म्यूचुअल फंड्स और शेयर सही विकल्प हो सकते हैं। लेकिन, म्यूचुअल फंड्स और शेयरों को किसी को ट्रांसफर करना उतना आसान नहीं है, जितना आसान रुपये-पैसे गिफ्ट में देना है। इसमें ओनरशिप से जुड़े नियमों का पालन करना होता है। टैक्स के नियमों का भी ध्यान रखना होता है।

नाबालिग को गिफ्ट देने में इस बात का जरूर रखें ध्यान

अगर आप किसी को शेयर या म्यूचुअल फंड गिफ्ट देना चाहते हैं तो सबसे आपको यह देखना होगा कि आप जिसे गिफ्ट देने जा रहे हैं वह बालिग है या नाबालिग है। अगर गिफ्ट लेने वाले की उम्र 18 साल से कम है तो इनवेस्टमेंट उसके नाम में होना चाहिए। साथी ही उसके नाम के साथ माता-पिता या अभिभावक (Guardian) का नाम भी होना चाहिए, जो नाबालिग की तरफ से ऑपरेट करेगा। आप अपने शेयर या म्यूचुअल फंड्स को सामान्य तरीके से ट्रांसफर नहीं कर सकते। बच्चे के नाम से नया फोलियो या डीमैट अकाउंट होना चाहिए, जिसके साथ गार्जियन की डिटेल भी होनी चाहिए।


बच्चे के बालिग होने पर कंट्रोल उसके पास ट्रांसफर हो जाएगा 

बच्चे के बालिग होने पर इनवेस्टमेंट का नियंत्रण उसके पास चला जाता है। इसके लिए फोलियो में अपडेट की जरूरत पड़ती है, जिसके जरिए गार्जियन का नाम हटा दिया जाता है। ऐसा नहीं करने पर बाद में दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।

यूनिट्स/शेयर ट्रांसफर करने के लिए डॉक्युमेंटेशन जरूरी

आप अपने शेयर या म्यूचुअल फंड की यूनिट्स बतौर गिफ्ट ट्रांसफर कर सकते हैं या बच्चे के नाम से नया निवेश कर सकते हैं। यूनिट्स/शेयर ट्रांसफर करने के लिए डॉक्युमेंटेशन की जरूरत पड़ती है। यह गिफ्ट डीड या ट्रांसफर रिक्वेस्ट जैसा होता है। खासकर तब जब बात डीमैट अकाउंट की हो तो। नॉन-डीमैट अकाउंट में रखे जाने वाले म्यूचुअल फंड्स के मामले में प्रोसेस फंड हाउस के हिसाब से अलग-अलग हो सकते हैं। शेयर/यूनिट्स ट्रांसफर करने की जगह नया निवेश करना ज्यादा आसान होता है।

इनवेस्टमेंट से हुई इनकम पर क्लबिंग के नियम लागू

बच्चे को ट्रांसफर के समय गिफ्ट पर टैक्स नहीं लगता है। लेकिन, उस इनवेस्टमेंट से अगर कोई इनकम होती है तो उसे बच्चे के नाबालिग होने पर उसे माता-पिता की इनकम में क्लब (जोड़ा) जा सकता है। इसका मतलब है कि डिविडेंड या कैपिटल गेंस पर टैक्स चुकाने की जिम्मेदारी माता-पिता की होगी न कि बच्चे की। बच्चे के बालिग होने पर टैक्स चुकाने की जिम्मेदारी उस पर आ जाती है।

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परिवार के सदस्यों के बीच ट्रांसफर के लिए भी डॉक्युमेंटेशन जरूरी

अगर शेयर/यूनिट्स बतौर गिफ्ट परिवार के किसी सदस्य को दिया जाता है तो भी डॉक्युमेंटेशन जरूरी है। इससे भविष्य में किसी तरह का विवाद पैदा होने की आशंका नहीं होती है। ट्रांसफर के बारे में बताने वाला गिफ्ट डीड फ्री है। डॉक्युमेंटेशन से भविष्य में नॉमिनेशन में बदलाव की स्थिति में भी आसानी होती है।

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