Health Policy: आपकी हेल्थ पॉलिसी लैप्स कर गई है? जानिए उसे कैसे रिन्यू करा सकते हैं

ज्यादातर इंश्योरेंस कंपनियां रिन्यूअल की तय तारीख के बाद 15 से 30 दिन का ग्रेस पीरियड देती हैं। इस दौरान आपकी हेल्थ पॉलिसी एक्टिव रहती है। आप बेनेफिट्स गंवाए बगैर प्रीमियम चुका सकते हैं। हालांकि, इस दौरान पॉलिसीहोल्डर का क्लेम खारिज हो सकता है

अपडेटेड Apr 08, 2026 पर 5:57 PM
Story continues below Advertisement
कई बीमा कंपनियां खास पीरियड (लैप्स करने के 6 महीने तक) के अंदर ही पॉलिसी चालू कराने की इजाजत देती हैं।

क्या आपकी हेल्थ पॉलिसी लैप्स कर गई है? अगर हां तो आपको इसे जल्द चालू कराना होगा। इंश्योरेंस कंपनियां हेल्थ पॉलिसी रिवाइव यानी चालू कराने के लिए लिमिटेड टाइम देती है। कई बार इसके लिए इंटरेस्ट चुकाना पड़ता है या हेल्थ का फ्रेश डेक्लेरेशन देना पड़ता है। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

रिन्यूएल की तारीख से 15-30 दिन का ग्रेस पीरियड

ज्यादातर इंश्योरेंस कंपनियां रिन्यूअल की तय तारीख के बाद 15 से 30 दिन का ग्रेस पीरियड देती हैं। इस दौरान आपकी हेल्थ पॉलिसी एक्टिव रहती है। आप बेनेफिट्स गंवाए बगैर प्रीमियम चुका सकते हैं। हालांकि, इस दौरान पॉलिसीहोल्डर का क्लेम खारिज हो सकता है।


ग्रेस खत्म होने पर बीमा कंपनी से जल्द करें संपर्क

आपका ग्रेस पीरियड अगर खत्म हो गया है तो आपको जल्द बीमा कंपनी के पास जाना चाहिए। कई बीमा कंपनियां खास पीरियड (लैप्स करने के 6 महीने तक) के अंदर ही पॉलिसी चालू कराने की इजाजत देती हैं। इसके साथ कुछ शर्तें हो सकती हैं। देर होने पर फ्रेश अंडरराइटिंग की जरूरत पड़ सकती है या वेटिंग पीरियड क्रेडिट्स जैसे बेनेफिट्स गंवाना पड़ सकता है।

दोबारा मेडिकल टेस्ट कराना पड़ सकता है

पॉलिसीहोल्डर को मेडिकल टेस्ट्स भी कराने पड़ सकते हैं या हेल्थ का नया डेक्लेरेशन देना पड़ सकता है। इंश्योरेंस कंपनी का एप्रूवल भी लेना पड़ सकता है। पॉलिसी लैप्स करने के बाद अगर काफी समय बीत गया है तो वेटिंग पीरियड दोबारा शुरू हो सकता है। फ्रेश अंडरराइटिंग की जरूरत पड़ सकती है। कंटीन्यूटी बेनेफिट्स पर भी असर पड़ सकता है।

ग्रेस पीरियड को सीमित मौके के रूप में देख सकते हैं

बजाज जनरल इंश्योरेंस के एमडी एवं सीईओ तपन सिंघल ने कहा, "लैप्स्ड पॉलिसी तुरंत चालू नहीं हो जाती है। इसके लिए फ्रेश अंडरराइटिंग की जरूरत पड़ती है। कुछ मामलों में फिर से वेटिंग पीरियड लागू हो सकता है। खासकर मौजूदा हेल्थ कंडिशंस के लिए ऐसा होता है।" उन्होंने कहा कि इसीलिए पॉलिसीहोल्डर्स को यह कहा जाता है कि उन्हें ग्रेस पीरियड को सीमित मौके के रूप में देखना चाहिए।

यह भी पढ़ें: ईपीएफ में दिया गया आपका बैंक अकाउंट बंद हो गया है? जानिए घर बैठे डिटेल अपडेट करने का क्या है प्रोसेस

पॉलिसी की शर्तों में ग्रेस पीरियड की जानकारी होती है

उन्होंने कहा कि लंबी अवधि के बेनेफिट्स को जारी रखने के लिए हेल्थ पॉलिसी को समय पर रिन्यू कराना जरूरी है। पॉलिसीहोल्डर पॉलिसी की शर्तों में रिन्यूअल के बारे में जानकारी ले सकते हैं। इसमें उन्हें ग्रेस पीरियड की डिटेल भी मिल जाएगी। अगर कोई शर्त उन्हें समझ नहीं आ रही तो इंश्योरेंस कंपनी के संपर्क कर सकते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि पॉलिसीहोल्डर्स को अपनी हेल्थ पॉलिसी का खास ख्याल रखना जरूरी है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।