हेल्थ पॉलिसी खरीदने से पहले इन 4 बातों की जानकारी आपको बड़े नुकसान से बचा सकती है

ग्राहक कई बार ऐसी हेल्थ पॉलिसी खरीद लेता है, जिसका प्रीमियम कम होता है। कम प्रीमियम वाली हेल्थ पॉलिसी की अपनी कई सीमाएं होती हैं। इससे इलाज के दौरान आपका पूरा खर्च कवर नहीं होता है। काफी पैसा अपनी जेब से खर्च करना पड़ता है

अपडेटेड Nov 26, 2024 पर 6:50 PM
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हेल्थ पॉलिसी खरीदने से पहले इंश्योरेंस कंपनी के क्लेम सेटलमेंट के रिकॉर्ड को जरूर देख लें।

इंश्योरेंस इंडस्ट्री में लंबे समय तक मिससेलिंग एक बड़ी बीमारी रही है। मिससेलिंग का मतलब ग्राहक को ऐसी पॉलिसी बेचने से है, जिसमें ग्राहक को कम फायदा और एजेंट को ज्यादा फायदा होता है। इससे ग्राहक का पैसा ऐसी पॉलिसी के प्रीमियम पर खर्च होता है, जो उसके लिए फायदेमंद नहीं होती है। यह बीमारी न सिर्फ लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी बल्कि हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के मामले में भी रही है। हेल्थ पॉलिसी अगर जरूरत पड़ने पर ग्राहक का मकसद पूरा नहीं करती है तो उसे खरीदने का क्या फायदा है।

इसलिए हेल्थ पॉलिसी खरीदने में ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। यह इसलिए भी जरूरी है कि हेल्थ पॉलिसी काफी महंगी होती है। मनीकंट्रोल आपको ऐसे कुछ टिप्स बता रहा है, जिनका इस्तेमाल आप हेल्थ पॉलिसी खरीदने में कर सकते हैं।

1. सस्ती पॉलिसी अच्छी हो, यह जरूरी नहीं

ग्राहक कई बार ऐसी हेल्थ पॉलिसी खरीद लेता है, जिसका प्रीमियम कम होता है। कम प्रीमियम वाली हेल्थ पॉलिसी की अपनी कई सीमाएं होती हैं। इससे इलाज के दौरान आपका पूरा खर्च कवर नहीं होता है। क्लेम सेटलमेंट के दौरान आपको अपनी जेब से काफी पैसा खर्च करना पड़ता है। इसलिए हेल्थ पॉलिसी का चुनाव करने में उसके प्रीमियम अमाउंट को आधार नहीं बनाए। इससे फायदे की जगह नुकसान हो सकता है।


2. हेल्थ कंडिशन को नहीं छुपाएं

अगर आपका ब्लड शुगर लेवल हाई रहता है या हाई कॉलेस्ट्रॉल की शिकायत है तो उसे छुपाएं नहीं। पॉलिसी खरीदते वक्त अपने हेल्थ कंडिशन को लेकर पारदर्शिता बरतना जरूरी है। कई बार लोग यह सोचते हैं कि छोटी-मोटी हेल्थ पॉब्लम नहीं बताने से कोई नुकसान नहीं होगा। लेकिन, किसी छोटी हेल्थ प्रॉब्लम को आधार बनाकर कंपनी आपके क्लेम को खारिज कर सकती है। अक्सर कंपनियां इस तरह की कमियां तलाशती रहती है ताकि उन्हें क्लेम खारिज करने का मौका मिल जाए।

3. क्लेम सेटलमेंट का ट्रैक रिकॉर्ड

हेल्थ पॉलिसी खरीदने से पहले इंश्योरेंस कंपनी के क्लेम सेटलमेंट के रिकॉर्ड को जरूर देख लें। साथ ही रेजेक्शन रेट को भी देख लें। उस कंपनी की हेल्थ पॉलिसी खरीदने में फायदा है जिसका क्लेम पेड रेशियो ज्यादा है। आपको इंश्योरेंस क्लेम पेड रेशियो की जानकारी कंपनी की वेबसाइट पर मिल जाएगी।

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4. पॉलिसी के क्लॉज को ठीक से समझ लें

अगर आप हेल्थ पॉलिसी किसी एजेंट के जरिए खरीद रहे हैं तो आपको उसकी बातों पर आंख मूंदकर भरोसा करने की जरूरत नहीं है। आपको खुद पॉलिसी से जुड़े क्लॉज को समझ लेने की जरूरत है। इसकी वजह यह है कि एजेंट पॉलिसी बेचने के बाद आपको नजर नहीं आएगी, जबकि पॉलिसी आपके साथ हमेशा रहेगी। अगर किसी क्लॉज का मतलब आपको समझ नहीं आ रहा है तो आप किसी एक्सपर्ट की मदद ले सकते हैं। इससे बाद में आपको किसी दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा।

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