इंश्योरेंस इंडस्ट्री में लंबे समय तक मिससेलिंग एक बड़ी बीमारी रही है। मिससेलिंग का मतलब ग्राहक को ऐसी पॉलिसी बेचने से है, जिसमें ग्राहक को कम फायदा और एजेंट को ज्यादा फायदा होता है। इससे ग्राहक का पैसा ऐसी पॉलिसी के प्रीमियम पर खर्च होता है, जो उसके लिए फायदेमंद नहीं होती है। यह बीमारी न सिर्फ लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी बल्कि हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के मामले में भी रही है। हेल्थ पॉलिसी अगर जरूरत पड़ने पर ग्राहक का मकसद पूरा नहीं करती है तो उसे खरीदने का क्या फायदा है।
