Home Loan: आपकी उम्र तय करती है होम लोन की शर्तें! जानें किस एज में सबसे आसानी से मिलता है सस्ता कर्ज
Home Loan: होम लोन के नियम और शर्तों पर उम्र का काफी असर होता है। जानिए उम्र के हिसाब से होम लोन पात्रता और बैंक क्या सोचते हैं। और किस उम्र में होम लोन लेना सबसे फायदेमंद होता है।
अगर आप 30 से 50 की उम्र के बीच होम लोन लेते हैं, तो यह आर्थिक तौर पर सबसे बेहतर होता है।
Home Loan: प्रॉपर्टी की आसमान छूती कीमतों के बीच घर खरीदने के लिए अक्सर लोगों के सामने बजट की दिक्कत आती है। इसके लिए सबसे आसान रास्ता रहता है, होम लोन लेना। आप जब होम लोन के लिए बैंक के पास जाते हैं, तो वह कई पहलुओं पर ध्यान देता है। जैसे कि क्रेडिट स्कोर, इनकम की स्टेबिलिटी। लेकिन, बैंक की नजर आपकी उम्र पर भी रहता है। क्योंकि हर उम्र में लोन चुकाने की क्षमता अलग होती है।
आइए जानते हैं कि होम लोन के फैसले पर उम्र का क्या असर हो सकता है और किस उम्र में होम लोन लेना सबसे सही रहता है।
नौजवानों को जल्दी मिलता है लोन
बैंक अक्सर नौजवानों को होम लोन देना ज्यादा पसंद करते हैं। क्योंकि वे करियर की शुरुआत में होते हैं और उनके सामने ढेरों अवसर होते हैं। अगर आप 20-30 साल की उम्र में अप्लाई करते हैं, तो आपको 30 साल तक की अवधि का कर्ज आसानी से मिल जाएगा। इसका फायदा यह होगा कि आपकी EMI कम हो जाएगी और हर महीने आप पर बोझ कम रहेगा।
हालांकि, इस उम्र की अपनी ही मुश्किलें होती है। आपको काम का तजुर्बा कम होता है। फिर जरूरी नहीं कि आपका करियर स्टेबल हो। इनकम भी कम रहती है। कई बार तो आपकी क्रेडिट हिस्ट्री भी नहीं होती। ऐसे में लोन के लिए अप्रूवल मिलना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। ऐसे में आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए।
क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करें और इसका भुगतान सही समय पर करें। इससे क्रेडिट स्कोर बनेगा।
अगर पर्सनल या स्टूडेंट लोन लिया है, तो उसे भी समय पर चुकाएं। ये भी क्रेडिट स्कोर मजबूत करेगा।
अपना डेट-टू-इनकम रेशियो को भी ठीक रखें। यह तकरीबन 30 फीसदी होना चाहिए।
आप को-ऐप्लीकेन्ट के साथ मिलकर भी लोन ले सकते हैं। जैसे कि अपने माता-पिता या जीवनसाथी के साथ।
इससे आपका फाइनेंशियल प्रोफाइल मजबूत हो जाएगा। आपको लोन भी ज्यादा रकम का मिल जाएगा।
31 से 50 उम्र लोन के लिए बेस्ट
अगर आप 30 से 50 की उम्र के बीच होम लोन लेते हैं, तो यह आर्थिक तौर पर सबसे बेहतर होता है। अमूमन, इस वक्त तक आपका करियर और इनकम स्टेबल हो जाती है। बैंक या नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियां (NBFC) आपको वाजिब ब्याज दर पर अधिक रकम का लोन देने को तैयार रहती हैं। साथ ही, आप अपनी सुविधा के हिसाब से लोन चुकाने का ऑप्शन चुन सकते हैं।
हालांकि, होम लोन लेने से पहले आपको अपनी दूसरी लॉन्ग टर्म प्लानिंग का भी खयाल रखना चाहिए। जैसे कि बच्चों की पढ़ाई, हेल्थकेयर और रिटायरमेंट फंड आदि। इन सबके हिसाब से आपको अपनी मासिक किस्त यानी EMI बनवानी चाहिए। यह भी ध्यान रखें कि लोन की EMI आपकी मंथली इनकम की 30 फीसदी से ज्यादा न हो। जैसे कि आप 30 साल का होम लोन 8 फीसदी ब्याज पर ले रहे हैं। आपकी सैलरी करीब 1.20 लाख रुपये महीना है। तो आपकी EMI 36000 रुपये के आसपास होनी चाहिए। इससे ज्यादा की मासिक किस्त आपको आर्थिक तौर पर मुश्किल में डाल सकती है।
आपको लोन-टु-वैल्यू (LTV) 80 फीसदी चुनना चाहिए। जैसे कि आपकी प्रॉपर्टी की वैल्यू 50 लाख रुपये है, तो आपको अधिकतम 40 लाख का ही लोन लेना चाहिए। 40 से 50 की उम्र में अक्सर व्यक्ति की देनदारियां बढ़ जाती हैं। ऐसे में आप कम अवधि के लिए लोन ले सकते हैं। अगर आने वाले समय में इनकम बढ़े, तो स्टेप-अप यानी EMI की रकम बढ़ाने के बारे में भी सोच सकते हैं। साथ ही, इस उम्र में रूरत से ज्यादा लोन से बचना चाहिए। इसके बजाय अपने निवेश पर ध्यान देना, ज्यादा तो बेहतर होगा।
51 से 60 की उम्र में कैसे मिलेगा लोन?
इस उम्र में ज्यादातर लोग स्टेबल इनकम का दावा करते हैं। लेकिन, अब आप तक रिटायरमेंट के नजदीक होते हैं। इसलिए बैंक की जांच का तरीका भी बदल जाता है। वह देखता है कि आपके रिटायरमेंट में कितना वक्त है। उसी आधार पर होम लोन की अवधि सीमित कर दी जाती है। इनकम प्रोफाइल मजबूत होने के बावजूद इस उम्र में आपकी एलिजिबिलिटी कम हो जाती है। आपको ज्यादा EMI चुकानी पड़ सकती है।
ऐसे में अगर आपकी उम्र 50 से 60 साल के बीच है, तो आपको होम लोन लेते समय ज्यादा डाउन पेमेंट देना चाहिए। विकल्प भी कम अवधि वाला चुनना चाहिए, ताकि रिटायरमेंट से पहले लोन चुकता हो जाए। आपको भी कोशिश करनी चाहिए कि रिटायरमेंट के वक्त आप पर लोन का बोझ कम हो, इसके बजाय कैश फ्लो बना रहे।
60 के बाद क्या होम लोन देगा बैंक?
एक वक्त था, जब हमारे देश में इस उम्र में लोन मिलना आसान नहीं होता था। लेकिन, आज चीजें बदल रही हैं। बेशक, इस उम्र में लोन थोड़ा मुश्किल हो सकती है। क्योंकि आपकी इनकम कम हो जाती है और बैंक के लिए जोखिम अधिक हो जाता है। लेकिन, मॉर्गेज जैसे विकल्प हैं। इसमें आप अपनी प्रॉपर्टी बेचे बिना ही उसका मॉर्गेज के रूप में इस्तेमाल कर लोन ले सकते हैं।
कुछ बैंक सीनियर सिटिजन को कम अवधि के लिए कम रकम का लोन दे देते हैं, अगर उनके पास आमदनी के लिए पेंशन या रेंटल इनकम जैसा नियमित जरिया है। बैंक उम्मीद करता है कि लोन लेने वाले व्यक्ति का डेट-टु-इनकम रेशियो 35 फीसदी से अधिक न हो। कन्जर्वेटिव लोन-टु-वैल्यू रेशियो 70 फीसदी या इससे कम हो। ऐसा होने से जोखिम कम हो जाता है।
इस अवस्था में कोई भी फाइनेंशियल फैसला सोच-समझ कर लेना चाहिए। हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस से रिस्क कम रखें। लोन का फैसला लेने से पहले तय कर लें कि आपके पास पर्याप्त इमरजेंसी फंड हो।
(मनीकंट्रोल हिंदी के लिए यह आर्टिकल अतुल मोंगा ने लिखा है, जो बेसिक होम लोन के सीईओ एवं सह-संस्थापक हैं)
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