घर खरीदने का प्लान हो जाए तो होम लोन जरूरी लगता है। अगर यह प्लान अगर 60 की उम्र में बने तो क्या होम लोन मिल सकता है? आम धारणा है कि व्यक्ति के 55-60 साल के होने पर बैंक होम का अप्लिकेशन रिजेक्ट कर देते हैं। यह सच नहीं है। सीनियर सिटीजंस या ज्यादा उम्र का व्यक्ति भी होम लोन ले सकता है। लेकिन, इसके नियम सख्त हो जाते हैं।
बैंक ग्राहक की फ्यूचर्स इनकम को देखते हैं
अगर 30 साल का कोई व्यक्ति होम लोन के लिए अप्लाई करता है तो बैंक उसकी फ्यूचर इनकम को लेकर आश्वस्त होता है। लेकिन, अगर 62 साल को कोई व्यक्ति होम लोन के लिए अप्लाई करता है तो बैंक का ध्यान इस बात पर होता है कि व्यक्ति की इनकम कब तक जारी रह सकती है।
नियमित इनकम होने पर बुजुर्ग अप्लाई कर सकते हैं
अगर कोई व्यक्ति रिटायर कर गया है, लेकिन उसे नियमित रूप से इनकम होती है तो वह होम लोन के लिए अप्लाई कर सकता है। इनकम का मतलब पेंशन इनकम, किराए से इनकम, इनवेस्टमेंट या बिजनेस से होने वाली इनकम से है। बैंक यह देखना चाहता है कि व्यक्ति की इनकम ऐसी होनी चाहिए, जिससे हर महीने लोन चुकाने में उसे किसी तरह की दिक्कत नहीं आए।
सरकार से पेंशन मिलने पर होम लोन आसानी से मिल सकता है
अगर व्यक्ति सरकार नौकरी में था और उसे हर महीने सरकार की तरफ से पेंशन मिलती है तो उसकी इनकम को लेकर अंदाजा लगाना आसान हो जाता है। अगर व्यक्ति सेल्फ-एंप्लॉयड है या कई दूसरे स्रोतों से होने वाली इनकम पर निर्भर है तो बैंक उसके होम लोन के अप्लिकेशन को एप्रूव करने में थोड़ा समय ले सकता है। इसकी वजह यह है कि बैंक इस बात को लेकर आश्वस्त होना चाहता है कि व्यक्ति आसानी से लोन का रीपेमेंट कर सकता है या नहीं।
सीनियर सिटीजंस को लंबी अवधि के लिए नहीं मिलता है लोन
ज्यादा उम्र में होन लोन लेने में सबसे बड़ी दिक्कत लोन की अवधि को लेकर आती है। अधिकतर बैंक चाहते हैं कि ग्राहक को 70-75 या कुछ मामलों में 80 साल के होने तक लोन का पैसा पूरा वापस आ जाए। इसका मतलब है कि लोन लेने वाले व्यक्ति की उम्र जितनी ज्यादा होगी, उसे उतनी कम अवधि के लिए लोन मिलेगा। इसे एक उदाहरण की मदद से समझा जा सकता है।
10-11 साल के लिए होम लोन दे सकता है बैंक
मान लीजिए कोई व्यक्ति 64 साल की उम्र में होम लोन लेना चाहता है। उसके लोन अप्लिकेशन पर विचार करने के बाद बैंक उसे 75 साल की उम्र तक पूरा लोन चुकाने के लिए कह सकता है। इसका मतलब है कि बैंक 11 साल के लिए लोन दे सकता है। ऐसी स्थिति में होम लोन की EMI काफी बढ़ जाएगी। लोन की अवधि जितनी लंबी होती है EMI अमाउंट उतना कम होता है।
होम लोन देने से पहले क्रेडिट स्कोर भी चेक करते हैं बैंक
एक्सपर्ट्स का कहना है कि सीनियर सिटीजंस के होम लोन के लिए अप्लाई करने पर उसके सिबिल स्कोर को भी बैंक देखता है। अगर व्यक्ति का क्रेडिट स्कोर 750 से ज्यादा है तो लोन एप्रूव होने की संभावना बढ़ जाती है। अगर व्यक्ति ने पहले कभी लोन रीपेमेंट पर डिफॉल्ट किया है या अक्सर पेमेंट करने में देर की है तो उसे लोन मिलने में दिक्कत आ सकती है।