Personal Finance: आपकी उम्र 40 प्लस है? तो इन उपायों से 60 के होने पर सुखद हो सकती है जिंदगी

कई लोग रिटायरमेंट बाद के खर्चों के बारे में ज्यादा नहीं सोचते हैं। यह वक्त आपके लिए आराम से बैठकर यह कैलकुलेशन करने का है कि 60 की उम्र में आपकी जरूरतें किस तरह की होंगी। फिर आपको करीब 6 फीसदी इनफ्लेशन रेट के असर को भी ध्यान में रखना होगा

अपडेटेड Feb 06, 2026 पर 7:48 PM
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अगर आप अपने 40 प्लस के दशक का सही इस्तेमाल करते हैं तो 60 के बाद की आपकी जिंदगी आराम से कट सकती है।

अगर आपकी उम्र 40 प्लस है तो यह समय आपके लिए बहुत अहम है। आज आपकी इनकम पहले से ज्यादा है। आज आप पहले से ज्यादा खर्च कर रहे हैं। आपको पता भी नहीं चला होगा और बच्चों की स्कूल फीस बढ़ गई होगी। मातापिता की उम्र बढ़ गई होगी और होम लोन की EMI कभी खत्म नहीं होने वाला सिलसिला लग रहा होगा। आपने गौर नहीं किया होगा, लेकिन आपकी लाइफस्टाइल भी बदल गई होगी।

अगर आप अपने 40 प्लस के दशक का सही इस्तेमाल करते हैं तो 60 के बाद की आपकी जिंदगी आराम से कट सकती है। मनीकंट्रोल आपको कुछ उपाय बता रहा है, जिन पर अमल करने से आपको बड़ा फायदा हो सकता है।

1. रिटायरमेंट बाद के खर्चों को हल्के में न लें

कई लोग रिटायरमेंट बाद के खर्चों के बारे में ज्यादा नहीं सोचते हैं। यह वक्त आपके लिए आराम से बैठकर यह कैलकुलेशन करने का है कि 60 की उम्र में आपकी जरूरतें किस तरह की होंगी। फिर आपको करीब 6 फीसदी इनफ्लेशन रेट के असर को भी ध्यान में रखना होगा। हेल्थकेयर कॉस्ट का भी खास ध्यान रखना होगा। अगर आज आपकी सेविंग्स 60 के बाद के खर्चों के लिए पर्याप्त नहीं है तो उसे बढ़ाने में देर नहीं करें। आज निवेश शुरू करने पर पावर ऑफ कंपाउंडिंग का फायदा उठाने के लिए आपको पर्याप्त समय मिल जाएगा।


2. रिटायरमेंट इनवेस्टमेंट पर फोकस करें, न कि लाइफस्टाइल पर

40 प्लस की उम्र में व्यक्ति की इनकम अच्छी हो जाती है। आपको सैलरी बढ़ने के साथ इंक्रीमेंट का करीब आधा हिस्सा लंबी अवधि के निवेश में लगाना चाहिए। इसके लिए आप NPS, PPF और डायवर्सिफायड म्यूचुअल फंड्स स्कीम का इस्तेमाल कर सकते हैं। निवेश बढ़ाने के लिए सही समय का इंतजार नहीं करें।

3. ज्यादा इंटरेस्ट रेट वाल लोन को बंद करें

ज्यादा इंटरेस्ट रेट वाले लोन आपकी जेब पर काफी बोझ डालते हैं। इसका पता नहीं चलता है। लेकिन, लंबी अवधि में इंटरेस्ट चुकाने पर आपका काफी पैसा खर्च हो जाता है। बैंक या एनबीएफसी का 18 फीसदी का पर्सनल लोन जितना जल्द हो, उसे बंद करना ठीक रहेगा। लोन तय समय से पहले चुकाने और लोन अकाउंट को बंद करने के उपायों के बारे में आपको सोचना चाहिए।

4. इमर्जेंसी फंड बनाने में अब देर ना करें

अगर आप अब तक इमर्जेंसी फंड बनाने के प्लान को टालते आए हैं तो अब इसमें देर नहीं करना चाहिए। आपका इमर्जेंसी फंड 6 से 12 महीनों के लिए हो सकता है। इसके लिए आप लिक्विड फंड या स्वीप एफडी का इस्तेमाल कर सकते हैं। इस पैसे को म्यूचुअल फंड्स की इक्विटी स्कीम में नहीं लगाए।

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5. हेल्थ इंश्योरेंस अमाउंट को बढ़ाएं

अगर आपको एंप्लॉयर (कंपनी) की तरफ से हेल्थ इंश्योरेंस मिला है तो भी आपको अपना हेल्थ इंश्योरेंस लेना चाहिए। इसकी वजह यह है कि इलाज का खर्च तेजी से बढ़ रहा है। अपनी हेल्थ पॉलिसी और कॉर्पोरेट हेल्थ पॉलिसी को मिलाकर आपका कवर अमाउंट काफी बढ़ जाएगा। दूसरा यह कि आपकी अपनी पॉलिसी जितनी पुरानी होगी, बीमारियों की कवरेज लिस्ट उतनी ज्यादा होगी।

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