Get App

शादी से लेकर तलाक तक पर कैसे होता है इनकम टैक्स का असर, समझिए पूरा हिसाब

भारत में शादी से लेकर तलाक तक कई तरह के वित्तीय बदलाव होते हैं, जिन पर आयकर कानून अलग-अलग नियम लागू करता है। शादी के उपहार, पति-पत्नी के ट्रांसफर, बच्चों की आय और तलाक के बाद मिलने वाली एलिमनी- हर श्रेणी पर टैक्स का हिसाब अलग तय होता है। जानिए पूरी डिटेल।

Edited By: Suneel Kumarअपडेटेड Dec 08, 2025 पर 4:52 PM
शादी से लेकर तलाक तक पर कैसे होता है इनकम टैक्स का असर, समझिए पूरा हिसाब
भारत में एलिमनी पर टैक्स का कोई अलग कानून नहीं है।

भारत के आयकर कानून में शादी और तलाक कई तरह के टैक्स नियम बदल देते हैं। शादी में मिले उपहारों पर अलग प्रावधान लागू होते हैं। पति-पत्नी के बीच पैसे या संपत्ति का ट्रांसफर अलग नियमों से तय होता है।

बच्चों की आय पर कौन-सा टैक्स लगेगा, यह भी शादी की स्थिति पर निर्भर करता है। तलाक के बाद मिलने वाली एलिमनी पर भी अलग टैक्स हिसाब होता है। कुल मिलाकर, शादी हो या तलाक- इन जीवन घटनाओं से जुड़े सभी वित्तीय लेनदेन आयकर कानून के अलग-अलग प्रावधानों के तहत आंके जाते हैं।

शादी में मिलने वाले उपहार पर टैक्स

एक वित्त वर्ष में 50,000 रुपये से अधिक का उपहार सामान्य परिस्थितियों में टैक्स के दायरे में आता है। लेकिन दूल्हा और दुल्हन को शादी के दिन मिलने वाले उपहार पूरी तरह टैक्स-फ्री होते हैं। इस पर कोई सीमा नहीं होती।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें