एक गलत धारणा लोगों के मन में होती है कि अगर आप अच्छी वेल्थ (सपंत्ति) बनाना चाहते हैं तो आपको बड़े अमाउंट से शुरुआत करनी होगी। यह सही नहीं है। इस धारणा की वजह से कई लोग इनवेस्टमेंट शुरू करने के लिए इंतजार करते रह जाते हैं। बैंक में बड़े अमाउंट को डिपॉजिट करने या ज्यादा अमाउंट की ट्रेडिशनल लाइफ इंश्योरेंस प्लान को खरीदने के बजाय आपको सिर्फ तीन जरूरी चीजों पर ध्यान देने की जरूरत है। लंबी अवधि में बड़ी वेल्थ बनाने के लिए यह सबसे जरूरी है। पहला, निवेश की शुरुआत जल्द करें। दूसरा, निवेश में अनुशासन बनाए रखें। तीसरा यह कि हर साल अपने निवेश के अमाउंट को बढ़ाते रहें। खासकर इनकम बढ़ने पर निवेश के अमाउंट को जरूर बढ़ाएं।
अगर आप इस स्ट्रेटेजी को अपनाते हैं तो आपकी बड़ी वेल्थ बनाने के लिए ज्यादा अमाउंट से निवेश शुरू करने की जरूरत नहीं रह जाएगी। न ही आपको सबसे ज्यादा रिटर्न वाले इनवेस्टमेंट ऑप्शन के पीछे भागने की जरूरत पड़ेगी। आपके लिए सिर्फ समय और अनुशासन जरूरी होगा।
आइए इसका जवाब जानने की कोशिश करते हैं। हम यह मान लेते हैं कि आप SIP में हर 25,000 रुपये से निवेश की शुरुआत करते हैं। हम रिटर्न की तीन स्थितियों को लेकर चलते हैं। पहला, सालाना 8 फीसदी रिटर्न, दूसरा सालाना 10 फीसदी रिटर्न और तीसरा सालाना 12 फीसदी रिटर्न। जो इनवेस्टर्स ज्यादा रिस्क नहीं लेना चाहते वे काफी सोचसमझकर निवेश करना चाहेंगे जिससे उनका सालाना रिटर्न 8 फीसदी से ज्यादा नहीं होगा।
SIP अमाउंट को हर साल बढ़ाकर आप वेल्थ के लिए तय टारगेट को हासिल करने में लगने वाले समय को घटा सकते हैं। हमने टारगेट 10 करोड़ रुपये रखा है, जिसे हासिल करने में लगने वाले समय को 6 से 13 साल तक घटाया जा सकता है।
कुछ इनवेस्टर्स ज्यादा रिस्क लेने को तैयार हो सकते हैं। वे शेयरों में निवेश कर सकते हैं। ऐसे निवेशकों के लिए हमने सालाना रिटर्न 12 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है। SIP में हर साल वृद्धि यानी स्टेप-अप SIP की स्थिति में भी रिटर्न का यह फॉर्मूला लागू होता है। इसमें आप निवेश अमाउंट हर साल 10 फीसदी बढ़ाते रहते हैं। पहले साल आप 25,000 रुपये से SIP में निवेश की शुरुआत करते हैं। दूसरे साल यह अमाउंट बढ़कर 27,500 रुपये हो जाता है। SIP की पूरी अवधि में यह अमाउंट हर साल इसी तरह से बढ़ता जाता है।
इसमें पहली खास बात यह सामने आती है कि आपको बहुत बड़े अमाउंट से निवेश की शुरुआत करने की जरूरत नहीं है। अगर आप कम अमाउंट से निवेश की शुरुआत करना चाहते हैं तो आपको समय थोड़ा बढ़ा देना होगा। हर महीने आप जितना ज्यादा निवेश करेंगे उतना जल्द आप अपने फाइनेंशियल टारगेट को हासिल करेंगे। इसी तरह आपका एप्रोच जितना ज्यादा कंजरवेटिव होगा, आपको अपना इनवेस्टमेंट गोल हासिल करने में उतना ज्यादा समय लगेगा।
टॉप-अप SIP से कितनी मदद मिलती है?
SIP अमाउंट को बढ़ा देने से निवेश के टारगेट को जल्द हासिल करने में मदद मिलती है। 10 करोड़ रुपये के वेल्थ टारगेट को हासिल करने में लगने वाले समय को हम 6 से 13 साल तक घटा सकते हैं। उदाहरण के लिए अगर आप हर साल SIP का अमाउंट 20 फीसदी तक बढ़ा देते हैं तो सालाना 12 फीसदी रिटर्न के साथ आपको अपना वेल्थ टारगेट हासिल करने के लिए 25 साल की जगह 19 साल पर्याप्त होंगे।
आकंड़े क्या नहीं बताते हैं?
जब आप कंपाउंडिंग का असर देखते हैं तो आपके लिए बहुत अच्छी संभावना नजर आती है। यह बहुत आसान दिखता है। लेकिन, निवेश में अनुशासन बनाए रखना किसी के लिए आसान नहीं है। अगर आप छोटे अमाउंट से निवेश की शुरुआत करना चाहते हैं तो एक चीज जो आपके लिए मददगार होगी वह यह है कि निवेश की शुरुआत जितना जल्द हो सके उतनी जल्द कर दें। लेकिन, उम्र कम होने पर लोग इनवेस्टमेंट से ज्यादा फोकस खर्च करने पर रखते हैं।
वीआर वेल्थ एडवाइजर्स के फाउंडर विवेक रेगे ने कहा, " रिस्क लेने की क्षमता के साथ ही धैर्य बनाए रखना बहुत जरूरी है। ये चीजें होने पर इनवेस्ट करना आसान हो जाता है। आप शेयरों में ज्यादा निवेश के लिए तैयार हो सकते हैं लेकिन शेयरों में 40-50 फीसदी की गिरावट आने पर आपके लिए अपने निवेश को जारी रखना मुश्किल साबित हो सकता है। जब मार्केट खूब चढ़ रहा होता है तो इसका उलट नजर आता है।"
पोर्टफोलियो में बदलाव करने या अचानक रणनीति बदलने से आपके लिए रिस्क बढ़ जाता है। इससे जब हालात बदलते हैं तो आपको लगता है कि आपका नुकसान हो चुका है। इसलिए आपको सिंपल प्रोडक्ट्स में निवेश करने पर जोर देना चाहिए। आपको जल्द और ज्यादा रिटर्न हासिल करने की बजाय रेगुलर रिटर्न हासिल करने पर ध्यान देना चाहिए। ज्यादा रिटर्न हासिल करने की लालच में कई बार इनवेस्टर्स ज्यादा रिस्क लेने लगते हैं। यह दोधारी तलवार पर चलने जैसा है।