How much gold can buy in Cash: क्या आप भी शादी या बच्चों के भविष्य के लिए गोल्ड या गोल्ड ज्वैलरी खरीदने का प्लान कर रहे हैं। क्या आप ये गोल्ड कैश देकर खरीदने का प्लान कर रहे हैं। इनकम टैक्स कानून में गोल्ड खरीदने की कोई लिमिट नहीं है। हालांकि, इनकम टैक्स कानून में सिंगल ट्रांजेक्शन में 2 लाख रुपये या उससे ज्यादा में कैश लेने पर प्रतिबंध है। आप ज्वैलर से जितना मर्जी गोल्ड खरीद सकते हैं, लेकिन गोल्ड या गोल्ड ज्वैलरी की सेल में 2 लाख रुपये या उससे अधिक कैश ज्वैलर स्वीकार नहीं कर सकते। ऐसा इसलिए क्योंकि कानून 2 लाख रुपये से ऊपर की कैश में ज्वैलरी से करने की इजाजत नहीं देता।
नियम नहीं मानने पर देना होगा जुर्माना
यदि ज्वैलर 2 लाख रुपये से अधिक कैश स्वीकाकर करता है, तो इनकम टैक्स विभाग उस पर कानून के उल्लंघन के मामले में लिये गए पैसे के बराबर जुर्माना लगा सकता है। इसके अलावा यदि आप किसी जौहरी से दो लाख रुपये से अधिक मूल्य का सोना कैश या अन्य माध्यम से खरीद रहे हैं, तो आपको ज्वैलर को पैन कार्ड या आधार कार्ड आदि देना होगा। तो आप बिना कार्ड या आधार दिये सिर्फ 2 लाख रुपये तक का गोल्ड खरीद सकते हैं।
सोना बेचने के भी बदल गए हैं नियम
सोने के गहने खरीदने और बेचने के नियम अब बदल गए हैं। सरकार ने 1 अप्रैल 2023 से हॉलमार्किंग को अनिवार्य कर दिया है। अब बिना हॉलमार्क वाले गहनों की पूरे देश में खरीदा और बेचा नहीं जा सकता। ऐसे में जिन लोगों के पास बिना हॉलमार्क वाली ज्वैलरी है, उन्हें इसे बेचने या इसके बदले दूसरी ज्वैलरी लेने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
हालमार्क कराना है अनिवार्य
हॉलमार्क वाले गहनों पर भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) का लोगो होता है। इसके अलावा यह भी बताया जाता है कि गहना या ज्वैलरी पीस कितने कैरेट सोने का है। गहने आमतौर पर 18 से 22 कैरेट सोने के बने होते हैं। ऐसा होने से अब ज्वैलर्स ग्राहकों को आसानी से ठग नहीं पाएंगे।