Pan Card: पैन कार्ड भारत में एक जरूरी पहचान का डॉक्यूमेंट है, लेकिन कुछ खास स्थितियों में इसे कैंसिल करना जरूरी होता है। यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है, तो उनके पैन कार्ड को कैंसिल कराना जरूरी होता है, ताकि उसका गलत इस्तेमाल न हो सके। इनकम टैक्स विभाग ने इसके लिए एक प्रोसेस पहले से तय किया हुआ है। इस प्रोसेस को मृतक के कानूनी उत्तराधिकारी पूरा कर सकते हैं।
कब जरूरी होता है पैन कार्ड कैंसल करना?
पैन कार्ड कैंसिलेशन की आवश्यकता तब होती है जब किसी व्यक्ति को दो पैन कार्ड जारी हो जाएं या जब पैन धारक की मृत्यु हो जाए। मृत्यु की स्थिति में पैन का कैंसिल करना जरूरी है ताकि भविष्य में कोई टैक्स या फाइनेंशियल धोखाधड़ी न हो।
कौन कर सकता है मृतक के पैन कार्ड को कैंसिल?
मृतक के कानूनी उत्तराधिकारी या नजदीकी रिश्तेदार उनके पैन को कैंसिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। लेकिन इससे पहले यह जरूरी है कि यदि मृतक इनकम टैक्सपेयर्स थे, तो उनकी ओर से अंतिम इनकम टैक्स रिटर्न फाइल किया जाए और कोई बकाया टैक्स हो तो उसका पेमेंट किया जाए।
मृतक व्यक्ति की ओर से ITR कैसे फाइल करें?
मृतक व्यक्ति की मृत्यु की तारीख तक का इनकम टैक्स रिटर्न संबंधित फाइनेंशियल ईयर की 1 अप्रैल से फाइल किया जाता है। इसके लिए ये डॉक्यूमेंट जरूरी होते हैं।
कानूनी उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र
मृतक और रिटर्न फाइल करने वाले का पैन
रिटर्न ऑनलाइन या इनकम टैक्स ऑफिस जाकर फाइल किया जा सकता है।
पैन कार्ड कैंसलेशन का आवेदन कैसे करें?
रिटर्न फाइल और टैक्स पेमेंट के बाद, संबंधित असेसिंग ऑफिसर (AO) को एक लिखित आवेदन दिया जा सकता है जिसमें मृतक का नाम, पैन नंबर, जन्म और मृत्यु की तारीख होनी चाहिए। आवेदन स्वीकार होने पर एक रसीद दी जाती है। इनकम टैक्स विभाग एप्लिकेशन की जांच के बाद पैन कैंसिल कर देता है।
आप किस AO के अंतर्गत आते हैं, यह जानने के लिए इनकम टैक्स विभाग की वेबसाइट पर जाएं
https://incometaxindia.gov.in/Pages/jurisdiction.aspx
अपने राज्य और क्षेत्र के अनुसार AO की जानकारी लेकर आप आवेदन जमा कर सकते हैं।
यदि किसी प्रियजन की मृत्यु हो चुकी है, तो उनके नाम से जुड़े टैक्स और पहचान डॉक्यूमेंट को सही तरीके से खत्म करना जरूरी है। पैन कार्ड कैंसलेशन का यह प्रोसेस कानूनी रूप से आवश्यक है और आपको फाइनेंशियल धोखाधड़ी से भी बचाता है।