How to Check Purity of Gold: भारत में सोना न सिर्फ एक गहना है, बल्कि सामाजिक परंपरा और आर्थिक सुरक्षा का भी प्रतीक माना जाता है। शादी-ब्याह से लेकर त्योहारों तक सोना खरीदना एक आम चलन है। साथ ही, मुश्किल वक्त में सोना एक सुरक्षित संपत्ति बनकर उभरता है। इसे बेचकर या गिरवी रखकर पैसे जुटाए जा सकते हैं। लेकिन इसका फायदा तभी है जब आपके पास असली और शुद्ध सोना हो। इसीलिए सोना खरीदते समय उसकी शुद्धता (Purity) की जांच बेहद जरूरी है।
आइए जानते हैं कि आप हॉलमार्किंग, घरेलू तरीकों और भौतिक गुणों के जरिए असली सोने की पहचान कैसे कर सकते हैं।
हॉलमार्किंग से सोने की शुद्धता की जांच
भारत में सोने की शुद्धता जांचने का सबसे विश्वसनीय तरीका BIS हॉलमार्किंग है। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) का यह मार्क शुद्धता की आधिकारिक गारंटी होता है। इसे सरकार ने जून 2021 से अनिवार्य कर रखा है।
BIS हॉलमार्किंग में तीन खास बातें होती हैं- BIS का त्रिकोणीय लोगो, सोने की शुद्धता (कैरेट या प्रतिशत में), ज्वेलरी बनाने वाले की पहचान। ध्यान रखें कि कुछ दुकानदार फर्जी हॉलमार्किंग का इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर निशान अस्पष्ट हो या जानकारी अधूरी हो, तो खरीदने से बचें।
24 कैरेट गोल्ड लगभग 99.9% शुद्ध होता है, लेकिन यह बहुत नरम होता है और गहनों के लिए सही नहीं होता। इसका इस्तेमाल सिक्के या गोल्ड बार बनाने में होता है। वहीं, 22 कैरेट गोल्ड 91.6% शुद्ध होता है। गहनों के लिए सबसे आम और सही होता है। इसमें 22 हिस्से सोने के और 2 हिस्से अन्य धातुएं (जैसे सिल्वर या कॉपर) मिलाए जाते हैं।
घर पर खरे सोने की पहचान कैसे करें?
आप बिना लैब टेस्ट के भी कुछ घरेलू तरीकों से सोने की शुद्धता जांच सकते हैं। इसका तरीका भी बड़ा आसान है:
भौतिक गुणों से सोने की पहचान
असली सोना हल्का पीला होता है और उसकी चमक अलग तरह की होती है। असली सोना घना और भारी होता है। किसी धातु से टकराने पर यह विशेष प्रकार की आवाज करता है, जो नकली धातुओं से अलग होती है।
सोना खरीदते समय केवल सुंदरता या कीमत नहीं, बल्कि शुद्धता की गारंटी को प्राथमिकता दें। हॉलमार्क देखें, कैरेट जांचें और जरूरत हो तो घरेलू टेस्ट करें। इससे आप नकली या मिलावटी सोना खरीदने से बच सकते हैं।