Emergency Fund: आज के समय में फाइनेंशियल प्लानिंग का एक अहम हिस्सा बन चुका है इमरजेंसी फंड। यह एक ऐसा सेविंग फंड होता है, जो अचानक आने वाले खर्चों जैसे बीमारी, नौकरी छूटने या घर के बड़े खर्चों के समय काम आता है। एक्सपर्ट इसे एक फाइनेंशियल सुरक्षा कवच मानते हैं, जो आपके लंबे समय के निवेश को सुरक्षित रखने में मदद करता है।
3-6 महीने के खर्च के हिसाब से बनाए इमरजेंसी फंड
एक्सपर्ट का कहना है कि लोग आमतौर पर घर खरीदने, बच्चों की पढ़ाई या सोने में निवेश की योजना तो बनाते हैं, लेकिन अचानक आने वाली जरूरतों के लिए अलग से पैसा रखना भी उतना ही जरूरी है। इसके लिए सलाह दी जाती है कि कम से कम 3 से 6 महीने के खर्च के बराबर इमरजेंसी फंड जरूर होना चाहिए।
छोटे अमाउंट से कर सकते हैं शुरुआत
इमरजेंसी फंड बनाने के लिए शुरुआत में बड़ी रकम की जरूरत नहीं होती। आप छोटे-छोटे अमाउंट से भी धीरे-धीरे एक अच्छा फंड तैयार कर सकते हैं। आज के डिजिटल दौर में नियमित सेविंग करके इसे आसानी से बनाया जा सकता है।
तुरंत पैसा मिलने वाले ऑप्शन में करें निवेश
जहां लंबे समय के निवेश में लोग शेयर, गोल्ड या म्यूचुअल फंड में पैसा लगाते हैं, वहीं इमरजेंसी फंड के लिए ऐसी जगह निवेश करना जरूरी है जहां से पैसा तुरंत मिल सके और जोखिम भी कम हो। इसके लिए सेविंग अकाउंट, लिक्विड म्यूचुअल फंड और शॉर्ट टर्म डिपॉजिट अच्छे विकल्प माने जाते हैं।
इमरजेंसी फंड का सबसे बड़ा फायदा यह है कि मुश्किल समय में आपको कर्ज लेने या अपने निवेश को नुकसान में बेचने की जरूरत नहीं पड़ती। साथ ही यह आपको आर्थिक रूप से सुरक्षित और मानसिक रूप से तनावमुक्त भी रखता है। अच्छी फाइनेंशियल प्लानिंग सिर्फ कमाई पर नहीं, बल्कि सही तरीके से सेविंग और जोखिम को संभालने पर निर्भर करती है। ऐसे में इमरजेंसी फंड बनाना एक मजबूत आर्थिक भविष्य की दिशा में पहला और जरूरी कदम माना जाता है।