UPI से गलत ID पर भेज दिए पैसे, अब कैसे मिलेगा वापस? जानिए पूरा प्रोसेस

UPI Refund Process: गलती से किसी गलत UPI ID पर पैसे भेज दिए हैं? घबराने की जरूरत नहीं। अगर आप सही वक्त पर कदम उठाएं, तो NPCI और RBI की मदद से अपना पैसा वापस पाना संभव है- जानिए पूरी प्रक्रिया।

अपडेटेड May 21, 2025 पर 7:33 PM
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आप NPCI के हेल्पलाइन नंबर 1800-120-1740 पर भी कॉल करके गलत पेमेंट की शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

UPI Refund Process: भारत में डिजिटल पेमेंट सिस्टम UPI (Unified Payments Interface) की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। इसके साथ ही गलती से किसी गलत UPI ID पर पैसे भेज देने जैसी घटनाएं भी आम होती जा रही हैं। हालांकि, अच्छी बात यह है कि अगर आप सही समय पर सही कदम उठाएं, तो पैसे वापस पाने की पूरी गुंजाइश रहती है।

गलत UPI ID पर पैसे जाने के बाद क्या करें?

अगर आपने किसी गलत UPI ID पर पैसे भेज दिए हैं, तो कुछ चीजों फौरन करनी चाहिए। सबसे पहले उस ट्रांजैक्शन का स्क्रीनशॉट लें, ताकि आपके पास सबूत रहे। फिर अपनी बैंक ब्रांच में जाकर या बैंक को कॉल करके पूरा ट्रांजैक्शन डिटेल दें- जैसे सेंडर और रिसीवर की जानकारी, तारीख, समय और रकम।


आप National Payments Corporation of India (NPCI) के हेल्पलाइन नंबर 1800-120-1740 पर भी कॉल करके शिकायत दर्ज कर सकते हैं। यह शिकायत तीन दिनों के भीतर करनी चाहिए, नहीं तो दिक्कत हो सकती है। आप जितनी जल्दी रिपोर्ट करेंगे, पैसे वापस मिलने की संभावना उतनी ही ज्यादा होगी।

NPCI के पास ऑनलाइन शिकायत कैसे करें?

NPCI ने UPI से जुड़ी समस्याओं के लिए एक डेडिकेटेड प्लेटफॉर्म तैयार किया है। इस पर आप इस तरह शिकायत दर्ज कर सकते हैं:

  • स्टेप 1: NPCI UPI Dispute Redressal पर जाएं।
  • स्टेप 2: 'Dispute' टैब चुनें।
  • स्टेप 3: ट्रांजैक्शन प्रकार चुनें- 'Person-to-Person' या 'Person-to-Merchant'
  • स्टेप 4: जरूरी जानकारी भरें। जैसे कि ट्रांजैक्शन ID, बैंक का नाम, UPI ID, भेजी गई रकम, तारीख, ईमेल ID और मोबाइल नंबर, बैंक स्टेटमेंट की कॉपी।
  • स्टेप 5: फॉर्म सबमिट करें।

इसके बाद NPCI आपकी शिकायत की जांच करेगा और जरूरी कदम उठाएगा।

UPI लिमिट्स के बारे में जानना भी जरूरी

UPI में ट्रांजैक्शन लिमिट भी होती है, जिसे जानना जरूरी है ताकि बड़े अमाउंट की गलती से बचा जा सके:

  • सामान्य ट्रांसफर: ₹1 लाख प्रति ट्रांजैक्शन तक
  • इंश्योरेंस या कैपिटल मार्केट पेमेंट: ₹2 लाख
  • IPO अप्लिकेशन: ₹5 लाख तक

(नोट: यह लिमिट बैंक के आधार पर थोड़ी बहुत अलग हो सकती है।)

अगर NPCI से हल नहीं निकले तो?

अगर बैंक या NPCI 30 दिनों के भीतर समस्या का समाधान नहीं करते, तो आप मामले को RBI के बैंकिंग लोकपाल (Banking Ombudsman) के पास ले जा सकते हैं। यह एक स्वतंत्र संस्था होती है जो ग्राहक और बैंक के बीच विवाद को हल करती है। शिकायत आप RBI की वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं।

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