विवाह न सिर्फ दो लोगों को न केवल इमोशनल और सामाजिक जुड़ाव देता है जबकि कई तरह के फाइनेंशियल फायदे भी देता है। विवाह के पैसे से जुड़े फायदों की बात करें तो इंश्योरेंस की कम लागत और ज्यादा होम लोन मिलना इसमें शामिल है। अगर पति-पत्नी मिलकर ज्वाइंट होम लोन लेते हैं तो उन्हें ज्यादा फायदा होता है। ऐसा करके आप अपने भविष्य के लिए ज्यादा पैसा जोड़ सकते हैं।
शादी के बाद आपकी इनकम भी ज्वाइंट होती है। इससे आपको ज्यादा होम लोन मिल सकता है। मान लीजिए अगर आपकी इनकम 10 लाख रुपये सालाना है। आपकी पत्नी की भी 10 लाख रुपये सालाना की इनकम है तो आपकी कुल इनकम 20 लाख रुपये हो जाएगी। अब आप 20 लाख रुपये पर लोन ले सकते हैं, जो पहले सिंगल इनकम पर आप 10 लाख पर लोन लेते, तो कम अमाउंट का लोन मिलेगा। दोनों की इनकम जोड़ने से आपकी टोटल इनकम बढ़ जाती है।
आप शादीशुदा जोड़े के तौर पर होम लोन लेकर टैक्स बचा सकते हैं। यदि आप ज्वाइंट होम लोन लेते हैं, तो आयकर अधिनियम (Income Tax) की धारा 80 (C) के तहत विवाहित जोड़ों के लिए होम लोन पर टैक्स छूट का अमाउंट बढ़कर 1.50 लाख की जगह 3 लाख हो जाता है क्योंको दोनों हसबेंड वाइफ इसका फायदा उठा सकते हैं। ये दोनों होम लोन प्रिंसिपल और इंटरेस्ट दोनों के लिए लागू होता है।
स्वास्थ्य बीमा (Health Insurance)
हेल्थ इंश्योरेंस लेने से आपको इनकम टैक्स में भी फायदा मिल सकता है। सेक्शन 80 (D) के तहत विवाहित जोड़े को हेल्थ इंश्योरेंस बीमा के तौर पर अधिकतम 25,000 रुपये तक कर छूट मिल सकती है। यह छूट केवल तभी मान्य है जब विवाहित जोड़ों में से एक काम कर रहा हो और परिवार के लिए कमा रहा हो। यदि पति-पत्नी दोनों टैक्सपेयर्स हैं तो यह दोगुना हो जाता है। वे सालाना 50,000 रुपये तक स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर टैक्स बचा सकते हैं।