आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी 2 मार्च से अपने तीन विदेशी स्कीमों में नए निवेश नहीं लेगी। इन तीन विदेशी फंडों में आईसीआईसीआई प्रू यूएस ब्लूचिप इक्विटी फंड, आईसीआईसीआई प्रू नैस्डेक 100 इंडेक्स फंड और आईसीआईसीआई प्रू स्ट्रेटेजिक मेटल एंड एनर्जी फंड ऑफ फंड्स शामिल हैं।
फंड हाउस ने हाल ही में इन स्कीमों में निवेश लेना शुरू किया था
ICICI Prudential AMC ने हाल ही में लंबे समय के बाद इन तीनों स्कीमों में नए निवेश लेना शुरू किया था। अब एएमसी के नए निवेश पर रोक लगाने के फैसले से लगता है कि एक बार फिर से फंड्स का ओवरसीज इनवेस्टमेंट तय लिमिट तक पहुंच गया है। फंड हाउस ने दूसरे स्कीम से स्विच सहित एकमुश्त नए निवेश पर रोक लगाई है।
पहले शुरू किए गए सिप के रास्ते निवेश जारी रहेंगे
इस एएमसी ने सिप, एसटीपी और कुछ खास फैसिलिटीज के जरिए रजिस्ट्रेशन पर भी रोक लगा दी है। हालांकि, तय तारीख से पहले शुरू किए गए सिस्टमैटिक इनवेस्टमेंट जारी रहेंगे। रिडेम्प्शन और स्विच-आउट पर भी असर नहीं पड़ेगा। इसमें पहले से चल रहे एसटीपी-आउट और सिस्टमैटिक विड्रॉल प्लान के रजिस्ट्रेशन शामिल होंगे।
इनवेस्टमेंट लिमिट उपलब्ध होने पर फिर से खुलेगा निवेश
आईसीआईसीआई प्रू एएमसी ने कहा है कि फिर से विदेशी इनवेस्टमेंट लिमिट उपलब्ध होने या लिमिट बढ़ने पर वह फिर से इन फंड में नए निवेश लेना शुरू कर देगी। दरअसल, आरबीआई ने म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के लिए विदेश में निवेश की सीमा तय की है। विदेशी सिक्योरिटीज में निवेश की सीमा 7 अरब डॉलर है। इसके अलावा एक अरब डॉलर की अलग लिमिट विदेशी ओवरसीज फंड्स के लिए है। इस लिमिट का पूरी इस्तेमाल होते ही फंड हाउस को नए निवेश रोक देना पड़ता है।
कई इनवेस्टर्स डायवर्सिफिकेशन के लिए विदेशी स्कीम में करते हैं निवेश
कई इनवेस्टर्स डायवर्सिफिकेशन के लिए म्यूचुअल फंड्स की विदेशी स्कीम में निवेश करते हैं। एक्सपर्ट्स का भी कहना है कि इनवेस्टर्स को अपने इनवेस्टमेंट पोर्टफोलियो में विदेशी म्यूचुअल फंड्स स्कीम को शामिल करना चााहिए। इससे पोर्टफोलियो को डायवर्विफायड बनाने में मदद मिलती है।