Income Tax Budget 2026: इन 5 उपायों से इनकम टैक्स की नई रीजीम के टैक्सपेयर्स को मिलेगी बड़ी राहत

Income Tax Budget 2026: वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने यूनियन बजट 2020 में इनकम टैक्स की नई रीजीम का ऐलान किया था। तब से वह इसे अट्रैक्टिव बनाने की कोशिश कर रही है। पिछले यूनियन बजट में उन्होंने नई रीजीम में सालाना 12 लाख रुपये तक की इनकम टैक्स-फ्री कर दी थी

अपडेटेड Jan 27, 2026 पर 3:10 PM
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एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कुछ बड़े उपायों का ऐलान करती हैं तो टैक्सपेयर्स के बीच नई रीजीम का अट्रैक्शन और बढ़ सकता है।

सरकार ने इनकम टैक्स की नई रीजीम का ऐलान यूनियन बजट 2020 में किया था। तब से इस रीजीम को अट्रैक्टिव बनाने पर सरकार का फोकस रहा है। इसका फायदा दिखा है। इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स की दिलचस्पी नई रीजीम में बढ़ी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर वित्त मंत्री कुछ बड़े उपायों का ऐलान करती हैं तो टैक्सपेयर्स के बीच नई रीजीम का अट्रैक्शन और बढ़ सकता है।

1. स्टैंडर्ड डिडक्शन में इजाफा

अभी इनकम टैक्स की नई रीजीम में स्टैंडर्ड डिडक्शन 75,000 रुपये है। अमेरिकन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स इन इंडिया (AMCHAM) ने सरकार को इसे बढ़ाकर 1,50,000 रुपये करने की सलाह दी है। स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा सिर्फ नौकरी करने वाले लोगों को मिलता है। इससे एंप्लॉयीज की टैक्स लायबिलिटी कम हो जाती है। इस बेनेफिट के लिए उन्हें किसी तरह का निवेश नहीं करना पड़ता है।

2. हेल्थ इंश्योरेंस पर डिडक्शन


अभी हेल्थ इंश्योरेंस के प्रीमियम पर डिडक्शन सिर्फ Income Tax की ओल्ड रीजीम में मिलता है। टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि इलाज का खर्च तेजी से बढ़ रहा है। इससे हर परिवार के लिए हेल्थ इंश्योरेंस जरूरी हो गया है। अगर सरकार नई रीजीम में भी हेल्थ इंश्योरेंस के प्रीमियम पर डिडक्शन की इजाजत देती है तो इससे लोगों को काफी फायदा होगा।

3. टर्म लाइफ इंश्योरेंस पर डिडक्शन

सरकार टर्म लाइफ इंश्योरेंस पर डिडक्शन की इजाजत इनकम टैक्स की नई रीजीम में भी दे सकती है। टर्म लाइफ इंश्योरेंस में सेविंग्स का कंपोनेंट नहीं होता है। इसमें सिर्फ प्रोटेक्शन होता है। अगर पॉलिसीहोल्डर के साथ कोई अनहोनी हो जाती है तो नॉमिनी को इंश्योरेंस कंपनी से बीमा का पैसा मिल जाता है। यह मध्यम वर्गीय परिवारों की सुरक्षा के लिए जरूरी है।

4. होम लोन के इंटरेस्ट पर डिडक्शन

अभी इनकम टैक्स की ओल्ड रीजीम में होम लोन के इंटरेस्ट पर डिडक्शन मिलता है। सेक्शन 24बी के तहत एक वित्त वर्ष में 2 लाख रुपये तक के इंटरेस्ट पर डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है। कई लोग इस टैक्स बेनेफिट के लिए होम लोन लेकर घर खरीदने में दिलचस्पी दिखाते हैं। नई रीजीम के टैक्सपेयर्स को भी यह टैक्स बेनेफिट मिलना चाहिए।

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5. सरचार्ज के लिए इनकम की लिमिट बढ़ाई जाए

अभी नई टैक्स रीजीम में टैक्सपेयर्स की इनकम 50 लाख रुपये से ज्यादा होने पर सरचार्ज लगता है। इनकम के हिसाब से इसका रेट 10 से 25 फीसदी के बीच है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरचार्ज के लिए 50 लाख रुपये से ज्यादा इनकम की लिमिट बढ़ाई जाए। इसे बढ़ाकर Union Budget में कम से कम 75 लाख रुपये किया जा सकता है।

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