Budget 2026: जानिए निर्मला सीतारमण के 9वें यूनियन बजट को तैयार करने वाली टीम में कौन-कौन से 7 अफसर शामिल हैं
यूनियन बजट 2026 तैयार करने की जिम्मेदारी वित्त मंत्रालय के खास अधिकारियों की एक टीम पर है। यह बजट ऐसे वक्त आ रहा है, जब भारत की जीडीपी ग्रोथ अच्छी है। लेकिन, अमेरिकी टैरिफ और जियोपॉलिटिकल टेंशन की वजह से वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता दिख रही है
1 फरवरी को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 9वीं बार यूनियन बजट पेश करेंगी।
यूनियन बजट पेश होने में एक हफ्ते से कम समय बचा है। 1 फरवरी को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 9वीं बार यूनियन बजट पेश करेंगी। बजट तैयार करने की जिम्मेदारी वित्त मंत्रालय के खास अधिकारियों की एक टीम पर है। यह बजट ऐसे वक्त आ रहा है, जब भारत की जीडीपी ग्रोथ अच्छी है। लेकिन, अमेरिकी टैरिफ और जियोपॉलिटिकल टेंशन की वजह से वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता दिख रही है। आइए जानते हैं इस चुनौतीपूर्ण वक्त में बजट तैयार करने वाली इस टीम में कौन-कौन शामिल है।
1. अनुराधा ठाकुर, इकोनॉमिक अफेयर्स सेक्रेटरी
अनुराधा ठाकुर की यूनियन बजट तैयार करने में बड़ी भूमिका है। वह उस डिपार्टमेंट की प्रमुख है, जिसका काम संसाधनों का आवंटन और 2026-27 के लिए माइक्रोइकोनॉमिक रोडमैप तैयार करना है। ठाकुर बजट डिविजन को देखती हैं, जो सभी बजट डॉक्युमेंट्स तैयार करता है। 1 जुलाई, 2025 को वित्त मंत्रालय में नई जिम्मेदारी संभालने के बाद 1994 बैच की इस आईएएस अफसर के लिए बजट तैयार करने का पहला मौका है। वह डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक अफेयर्स का नेतृत्व करने वाली पहली महिला आईएएस अफसर भी हैं।
2. अरविंद श्रीवास्तव, रेवेन्यू सेक्रेटरी
श्रीवास्तव पर टैक्स प्रपोजल तैयार करने की जिम्मेदारी है, जो बजट भाषण के पार्ट बी का हिस्सा होता है। इसमें डायरेक्ट टैक्सेज और इनडायरेक्ट टैक्सेज से जुड़े टैक्स प्रपोजल शामिल हैं। डायरेक्ट टैक्स में इनकम टैक्स और कॉर्पोरेट टैक्स आते हैं, जबकि इनडायरेक्ट टैक्स में जीएसटी और कस्टम्स आते हैं। बतौर रेवेन्यू सेक्रेटरी अरविंद श्रीवास्तव का यह पहला बजट है। हालांकि, वह बजट डिविजन में ज्वाइंट सेक्रेटरी रह चुके हैं। ऐसे में बजट से जुड़े कामकाज का अनुभव उनके पास है।
3. वुमलुनमंग वुअलनाम, एक्सपेंडिचर सेक्रेटरी
वुअलनाम को अक्सर 'गार्जियन ऑफ द पर्स' कहा जाता है। उन पर सरकार के खर्च, सब्सिडी और केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी है। फिस्कल डिसिप्लिन मेंटेन करने में उनके विभाग की बड़ी भूमिका है। उनका काम फिस्कल डेफिसिट को मैनेज करने के साथ ही अगले वित्त वर्ष में खर्च की प्राथमिकताएं तय करना है।
4. एम नागराजू, फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्रेटरी
नागराजू पर डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज की जिम्मेदारी है। उनका फोकस फाइनेंशियल इनक्लूजन और सोशल सिक्योरिटी से जुड़ी पहल पर रहा है। उनका विभाग पब्लिक सेक्टर बैंक, इंश्योरेंस कंपनियों और पेंशन सिस्टम की सेहत पर भी नजर रखता है। साथ ही क्रेडिट ग्रोथ, डिजिटल और फाइनेंशियल सेक्टर के रिफॉर्म्स उनके तहत आते हैं।
5. अरुणिष चावला, दीपम सेक्रेटरी
डिपार्टमेंट ऑफ इनवेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (दीपम) के प्रमुख के रूप में चावला पर सरकार विनिवेश कार्यक्रम और प्राइवेटाइजेशन स्ट्रेटेजी तैयार करने की जिम्मेदारी है। उनका विभाग सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज में हिस्सेदारी की बिक्री के जरिए नॉन-टैक्स रेवेन्यू जुटाने पर फोकस करता है।
6. के मोसेस चालई, पब्लिक एंटरप्राइजेज सेक्रेटरी
चालई चुनिंदा सीपीएसई के कैपिटल एक्सपेंडिचर प्लान को देखते हैं। वह बजट ऐलोकेशन के सही इस्तेमाल को भी सुनिश्चित करते हैं। उनका विभाग एसेट मॉनेटाइजेशन की कोशिशों पर भी नजर रखता है। साथ ही सरकारी एंटरप्राइजेज की सेहत की निगरानी भी उनके विभाग की जिम्मेदारी है।
चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर के ऑफिस का काम बजट के लिए अहम इनपुट्स प्रदान करना है। इनमें ग्रोथ के अनुमान, एग्रीकल्चर, इंडस्ट्री और सर्विसेज सहित सेक्टर का एनालिसिस और ग्लोबल रिस्क के एसेसमेंट शामिल होते हैं। यह ऑफिस वित्त मंत्री को प्रमुख आर्थिक रिफॉर्म्स के बारे में भी सलाह देता है। इसकी भूमिका फाइनेंशियल स्ट्रेटेजी तैयार करने में भी होती है।