Income Tax: टैक्स ऑडिट रिपोर्ट फाइल करने में देर हुई तो लग सकती है 1.5 लाख रुपये पेनाल्टी

यूनियन बजट 2026 में पेश प्रस्ताव के मुताबिक, अगर टैक्सपेयर्स अपने अकाउंट्स का ऑडिट नहीं कराता है और ऑडिटेड रिपोर्ट सब्मिट नहीं करता है तो एक महीने तक की देरी पर उसे 75,000 रुपये की फीस चुकानी होगी। उसके बाद उसे 1,50,000 रुपये की फीस चुकानी होगी

अपडेटेड Feb 03, 2026 पर 3:14 PM
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वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने FY27 का यूनियन बजट 1 फरवरी को पेश किया।

टैक्स ऑडिट रिपोर्ट सब्मिट करने में देरी पर पेनाल्टी लगेगी। यूनियन बजट 2026-27 में यह ऐलान हुआ है। देर से टैक्स ऑडिट रिपोर्ट सब्मिट करने पर 75,000 से 1.5 लाख रुपये तक की फीस लग सकती है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को इस बारे में बताया।

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने क्या कहा?

वित्तमंत्री ने कहा, "...अगर कोई व्यक्ति किसी एक टैक्स ईयर और ज्यादा टैक्स ईयर्स में अपने अकाउंट्स को ऑडिट नहीं कराता है और ऐसे ऑडिट का की रिपोर्ट सेक्शन 63 के तहत सब्मिट करता है तो उसे फीस चुकाना होगा---(I) एक महीने तक की देर पर फीस 75,000 रुपये होगी और (II) उसके बाद यह 15,000 रुपये होगी।"


बजट 2026 में पेश नए नियम का क्या है मतलब?

इसका मतलब है कि अगर टैक्सपेयर्स अपने अकाउंट्स का ऑडिट नहीं कराता है और ऑडिटेड रिपोर्ट सब्मिट नहीं करता है तो एक महीने तक की देरी पर उसे 75,000 रुपये की फीस चुकानी होगी। उसके बाद उसे 1,50,000 रुपये की फीस चुकानी होगी। एसके पटोदिया एंड एसोसिएट एलएलपी के एसोसिएट डायरेक्टर (डायरेक्ट टैक्स) मिहिर तन्ना ने कहा, "इससे टैक्सपेयर्स को पहले से पता होगा कि देर होने पर उन्हें कितनी फीस चुकानी पड़ेगी।"

टैक्स ऑडिट रिपोर्ट फाइलिंग के नए नियम कब से लागू होंगे?

केपीएमजी में पार्टनर और हेड ऑफ टैक्स (वेस्ट) हिमांशु पारेख ने कहा कि अभी टैक्स ऑडिट रिपोर्ट फाइल करने में देरी पर अथॉरिटीज टर्नओवर या सेल्स का 0.5 फीसदी (1.5 लाख रुपये लिमिट) लगा सकती हैं। बजट 2026 के प्रस्ताव के मुताबिक, एक महीने तक की देर पर अब 75,000 रुपये की फीस लगेगी। एक महीने से ज्यादा देर पर 1.5 लाख रुपये फीस लगेगी। नए प्रावधान 1 अप्रैल, 2026 से लागू हो जाएंगे।

इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स के लिए क्या हैं नियम?

सेक्शन 428 के मुताबिक, अगर सेक्शन 263 के तहत कोई व्यक्ति डेडलाइन तक रिटर्न फाइल नहीं करता है तो उसे फीस चुकानी होगी। टोटल इनकम 5 लाख रुपये से कम होने पर फीस 1,000 रुपये होगी और टोटल इनकम 5 लाख रुपये से ज्यादा होने पर फीस 5000 रुपये होगी।

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फाइनेंस बिल 2026 के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति संबंधित टैक्स ईयर खत्म होने के 9 महीने बाद सेक्शन 263 (5) के तहत रिटर्न फाइल करता है तो टोटल इनकम 5 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होने पर 1,000 फीस लगेगी और टोटल इनकम 5 लाख से ज्यादा होने पर 5,000 फीस लगेगी।

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