Income Tax Department: इनकम टैक्स डिपार्टमेंट बिजनेस फैमिलीज पर कसेगा शिकंजा, विदेश में संपत्ति नहीं बताने वालों को भेजेगा नोटिस

Income Tax Department: इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने कई ऐसे बिजनेस फैमिलीज की पहचान की है, जो कथित रूप से अपने टैक्स रिटर्न में फॉरेन एसेट्स या विदेश से कमाई के स्रोतों के बारे में नहीं बताया है। इनमें अहमदाबाद, सूरत, चेन्नई, हैदराबाद जैसे बड़े शहोरं की बिजनेस फैमिलीज शामिल हैं

अपडेटेड Feb 17, 2026 पर 6:11 PM
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दिल्ली के सीबीडीटी के नोडल ऑफिस में भी कुछ मामलों की जांच चल रही हैं।

Income Tax Department: इनकम टैक्स डिपार्टमेंट बिजनेस फैमिलीज पर शिकंजा कसने जा रहा है। डिपार्टमेंट ने कई ऐसे बिजनेस फैमिलीज की पहचान की है, जो कथित रूप से अपने टैक्स रिटर्न में फॉरेन एसेट्स या विदेश से कमाई के स्रोतों के बारे में नहीं बताया है। ऐसी फैमिलीज को आने वाले महीनों में नोटिस भेजने की तैयारी है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

इन शहरों के बिजनेस फैमिलीज की पहचान

ये बिजनेस फैमिलीज अहमदाबाद, सूरत, चेन्नई, हैदराबाद, बेंगलुरु और मुंबई के हैं। एक Income Tax अधिकारी ने बताया, "इन फैमिलीज के पास जो फॉरेन एसेट्स हैं, उनकी वैल्यू हजार करोड़ में है। आईटी डिपार्टमेंट के अधिकारी ठोस आंकड़ों पर पहुंचने के लिए डेटा जुटा रहे हैं। दिल्ली के सीबीडीटी के नोडल ऑफिस में भी कुछ मामलों की जांच चल रही हैं।" उन्होंने कहा कि सबूत मिल जाने के बाद कार्रवाई शुरू होगी और इन परिवारों को नोटिस भेजे जाएंगे।


दूसरे देशों से मिली हैं फॉरेन एसेट्स के बारे में जानकारियां

उन्होंने कहा, "आईटी डिपार्टमेंट को दूसरे देशों से फॉरेन एसेट्स और फॉरेन बैंक अकाउंट के डेटा मिलते हैं। इससे हमें इंडिविजुअल और कंपनियों की एक्चुअल टैक्स लायबिलिटी का अनुमान लगाने में मदद मिलती है।" आईटी डिपार्टमेंट ने 27 नवंबर की प्रेस रिलीज में बताया था कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने 2024-25 के लिए 'ऑटोमैटिक एक्सचेंज ऑफ इंफॉर्मेशन' (AEOI) के एनालिसिस में उन ज्यादा रिस्क वाले मामलों की पहचान की है, जिनमें फॉरेन एसेटस हैं लेकिन उनकी जानकारी AY 2025-26 के फाइल आईटीआर में नहीं दी गई है।

AEOI फ्रेमवर्क से फॉरेन एसेट्स का पता लगाने में मिल रही मदद

AEOI एक फ्रेमवर्क है, जिसे OECD देशों ने टैक्स-चोरी रोकने के लिए बनाया है। इसक तहत एक कॉमन रिपोर्टिंग स्टैंडर्ड (CRS) तैयार किया गया है। इसके तहत 'सोर्स' ज्यूरिडिक्शन के फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस डेटा कलेक्ट करते हैं और अपने टैक्स अथॉरिटीज को भेजते हैं। यह डेटा दूसरे देशों के अकाउंट होल्डर्स के होते हैं। ये जानकारियां हर साल रेजिडेंट्स के 'होम कंट्री' को भेजी जाती हैं।

आईटी डिपार्टमेंट को NUDGE कैंपेन के मिले हैं अच्छे नतीजे

आईटी डिपार्टमेंट ने 2024 में NUDGE कैंपेन शुरू किया था। इसके तहत उन टैक्सपेयर्स का चुनाव किया गया था, जिनके बारे में AEOI के तहत फॉरेन ज्यूडिक्शंस से जानकारी मिली थीं। इन जानकारियों में ऐसे टैक्सपेयर्स के फॉरेन एसेट्स के बारे में बताया गया था, जनके बारे में AY2024-25 के इनकम टैक्स रिटर्न में जानकारी नहीं दी गई थी। इस कोशिश के अच्छे नतीजे आए थे। 24,678 टैक्सपेयर्स को अपने रिटर्न को रिवाइज करने पड़े थे। उन्हें करीब 29,208 करोड़ रुपये के फॉरेन एसेट्स के बारे में जानकारी देनी पड़ी थी।

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बिजनेस फैमिलीज को आने वाले महीनों में नोटिस भेजने की तैयारी

अधिकारियों ने बताया कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट अब इस कड़ी में न्यूज कैंपेन के तहत बिजनेस फैमिलीज को नोटिस भेजने की तैयारी में है। एक व्यक्ति ने बताया कि कई इंडियन फैमिलीज के फाइनेंशियल लिंक विदेश से है। इसमें विरासत, पुरानी नौकरी या फैमिली अरेंजमेंट जैसी चीजें शामिल हैं। टैक्स रिटर्न में इन सभी एसेट्स के बारे में नहीं बताया जाता है।

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