नए इनकम टैक्स फॉर्म में HRA क्लेम के लिए मकान मालिक से बताना होगा रिश्ता, 1 अप्रैल से लागू होगा नियम

सरकार 1 अप्रैल 2026 से आयकर नियमों में बड़ा बदलाव करने जा रही है। नए इनकम टैक्स फॉर्म में अब एचआरए यानी हाउस रेंट अलाउंस क्लेम करते समय कर्मचारियों को यह भी बताना होगा कि जिस मकान मालिक को वे किराया दे रहे हैं, उससे उनका कोई पारिवारिक या अन्य संबंध है या नहीं

अपडेटेड Feb 25, 2026 पर 5:58 PM
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सरकार 1 अप्रैल 2026 से आयकर नियमों में बड़ा बदलाव करने जा रही है। न

सरकार 1 अप्रैल 2026 से इनकम टैक्स नियमों में बड़ा बदलाव करने जा रही है। नए इनकम टैक्स फॉर्म में अब एचआरए यानी हाउस रेंट अलाउंस क्लेम करते समय कर्मचारियों को यह भी बताना होगा कि जिस मकान मालिक को वे किराया दे रहे हैं, उससे उनका कोई पारिवारिक या अन्य संबंध है या नहीं। इस कदम का मकसद फर्जी किराये के दावों को रोकना है।

HRA क्लेम में नई शर्त

ड्राफ्ट नियमों के अनुसार, अगर कोई कर्मचारी हाउस रेंट अलाउंस (HRA) का लाभ लेना चाहता है, तो उसे यह बताना होगा कि जिस मकान मालिक को वह किराया दे रहा है, उससे उसका कोई पारिवारिक या अन्य संबंध है या नहीं। अभी तक HRA क्लेम करते समय किराए की जानकारी देना जरूरी होता है, लेकिन मकान मालिक से रिश्ते का खुलासा करना अनिवार्य नहीं था।


टैक्स एक्सपर्ट का मानना है कि इस नए नियम से फर्जी या बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए गए किराया दावों पर रोक लगेगी। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और गलत दावों की पहचान आसान होगी।

विदेशी आय पर टैक्स क्रेडिट की कड़ी जांच

ड्राफ्ट नियमों में विदेशी आय पर टैक्स क्रेडिट के दावों को लेकर भी सख्ती की गई है। नए फॉर्म 44 के तहत अब ऑडिटर को विदेशी टैक्स कटौती प्रमाणपत्र, पेमेंट का सबूत, एक्सचेंज रेट और टैक्स संधि की पात्रता की स्वतंत्र जांच करनी होगी।

एक्सपर्ट का कहना है कि यह प्रक्रिया उन मामलों में मुश्किल हो सकती है, जहां विदेशी देशों में अलग फाइनेंशियल ईयर या ज्वाइंट टैक्स स्टेटमेंट जारी होते हैं।

कंपनियों के लिए पैन आवेदन में सख्ती

अब कंपनियों को पैन के लिए आवेदन करते समय यह घोषणा देनी होगी कि उनके पास पहले से कोई पैन नहीं है। अगर किसी शाखा या प्रोजेक्ट ऑफिस के नाम पर पहले से पैन है, तो दोहराव से बचने के लिए आंतरिक जांच करनी होगी।

टैक्स ऑडिट रिपोर्ट में ज्यादा जानकारी

नए टैक्स ऑडिट फॉर्म 26 में ऑडिटर को यह बताना होगा कि अगर वैधानिक ऑडिटर की रिपोर्ट में कोई आपत्ति या टिप्पणी है, तो उसका कंपनी की आय या बुक प्रॉफिट पर क्या असर पड़ता है। साथ ही, अब अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर, सर्वर, क्लाउड लोकेशन और डेटा स्टोरेज की जानकारी भी देनी होगी।

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