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Income Tax: किराए के घर में रहते हैं तो यह नियम जान लीजिए, नहीं तो चुकानी पड़ सकती है 1 लाख पेनाल्टी

इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 194-IB के तहत, कोई व्यक्ति या हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) अगर हर महीने 50,000 रुपये घर का किराया देता है तो उसे टीडीएस काटना होगा। टीडीएस काटने की जिम्मेदारी किराएदार की होगी। वह टीडीएस काटने के बाद मकान मालिक को किराए का पेमेंट करेगा

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Mar 06, 2026 पर 7:48 PM
Income Tax: किराए के घर में रहते हैं तो यह नियम जान लीजिए, नहीं तो चुकानी पड़ सकती है 1 लाख पेनाल्टी
यूनियन बजट 2024 में सरकार ने सेक्शन 194-IB के तहत टीडीएस के रेट को 5 फीसदी से घटाकर 2 फीसदी कर दिया।

क्या आप किराया के घर में रहते हैं? किराए के घर में रहने वाले लोगों के टैक्स के इस नियम के बारे में जानना बहुत जरूरी है। अगर इस नियम का पालन आप नहीं करते हैं तो आपको इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का नोटिस आ सकता है। अगर आप हर महीने 50,000 रुपये से ज्यादा किराया देते हैं तो आपको टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स (टीडीएस) काटना होगा। आइए इस नियम के बारे में विस्तार से जानते हैं।

क्या है सेक्शन 194-IB?

इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 194-IB के तहत, कोई व्यक्ति या हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) अगर हर महीने 50,000 रुपये घर का किराया देता है तो उसे टीडीएस काटना होगा। टीडीएस काटने की जिम्मेदारी किराएदार की होगी। वह टीडीएस काटने के बाद मकान मालिक को किराए का पेमेंट करेगा।

टीडीएस कब जमा करना होगा?

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