Income Tax: ये इनकम छुपाना पड़ सकता है भारी! लग सकता है 200% जुर्माना

आजकल भारतीय निवेशकों के लिए Apple, टेस्ला जैसी विदेशी कंपनियों के शेयर खरीदना आसान हो गया है। लेकिन इन निवेशों से होने वाली कमाई पर टैक्स नियम काफी सख्त हैं। खासकर कई लोग एक बड़ी गलती कर देते हैं

अपडेटेड Mar 17, 2026 पर 4:56 PM
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आजकल भारतीय निवेशकों के लिए Apple, टेस्ला जैसी विदेशी कंपनियों के शेयर खरीदना आसान हो गया है।

आजकल भारतीय निवेशकों के लिए Apple, टेस्ला जैसी विदेशी कंपनियों के शेयर खरीदना आसान हो गया है। लेकिन इन निवेशों से होने वाली कमाई पर टैक्स नियम काफी सख्त हैं। खासकर कई लोग एक बड़ी गलती कर देते हैं। विदेशी शेयर से मिलने वाले डिविडेंड को ITR में दिखाना भूल जाते हैं। यह छोटी सी चूक आगे चलकर भारी जुर्माने और नोटिस का कारण बन सकती है।

विदेशी कमाई पर भी देना होगा टैक्स

अगर आप भारत में रहते हैं (Resident Indian), तो आपको अपनी पूरी ग्लोबल इनकम (Global Income) पर टैक्स देना होता है। इसमें विदेशी कंपनियों से मिलने वाला डिविडेंड भी शामिल है। भले ही उस डिविडेंड पर विदेश में टैक्स कट गया हो, फिर भी उसे भारत में ITR में दिखाना जरूरी है।


US में टैक्स कटने के बाद भी रिपोर्ट करना जरूरी

अमेरिकी कंपनियां आमतौर पर डिविडेंड पर करीब 25% टैक्स पहले ही काट लेती हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आपका काम खत्म हो गया। आपको अपने ITR में पूरा डिविडेंड अमाउंट दिखाना होगा। इसके बाद आप Foreign Tax Credit (FTC) का लाभ लेकर डबल टैक्स से बच सकते हैं।

सबसे आम गलती क्या होती है

कई लोग ITR में Schedule FA (Foreign Assets) में अपने विदेशी शेयर की जानकारी तो दे देते हैं, लेकिन उससे हुई कमाई यानी डिविडेंड को अलग से नहीं दिखाते। Schedule FA में सिर्फ एसेट की जानकारी जाती है, इनकम नहीं। डिविडेंड को हमेशा Income from Other Sources में दिखाना जरूरी है।

क्या टैक्स विभाग को पता चल सकता है

आज भारत कई देशों के साथ वित्तीय जानकारी साझा करता है। इससे टैक्स विभाग को विदेशी खातों और डिविडेंड की जानकारी मिल जाती है। अगर आपकी ITR और इन डेटा में फर्क मिलता है, तो आपको नोटिस मिल सकता है।

कितना लग सकता है जुर्माना

अगर आपने गलती से डिविडेंड नहीं दिखाया, तो इसे अंडर-रिपोर्टिंग माना जाएगा। ऐसे मामलों में टैक्स के अमाउंट पर 50% से 200% तक पेनल्टी लग सकती है। हालांकि यह ब्लैक मनी एक्ट के तहत नहीं आता, लेकिन जुर्माना फिर भी काफी भारी हो सकता है।

गलती सुधारने का मौका

अगर आपसे गलती हो गई है, तो आप 24 महीने के अंदर अपडेटेड ITR भरकर इसे सुधार सकते हैं।

1 साल के अंदर सुधार करने पर 25% अतिरिक्त चार्ज

1 साल बाद करने पर 50% अतिरिक्त चार्ज

जरूरी डॉक्यूमेंट संभालकर रखें

हमेशा अपने ब्रोकरेज स्टेटमेंट, डिविडेंड रिपोर्ट और टैक्स डॉक्यूमेंट (जैसे Form 1099) संभालकर रखें। इससे सही जानकारी भरने और टैक्स क्रेडिट लेने में आसानी होती है।

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