इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने सैलेरीड टैक्सपेयर्स के टीसीएस और टीडीएस क्रेडिट क्लेम करने के नियमों को आसान बना दिया है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (सीबीडीटी) ने इसके लिए इनकम टैक्स के नियमों से संशोधन किए हैं। इस संशोधन के बाद मातापिता अपने नाबालिग बच्चों के लिए भी टीसीएस क्रेडिट क्लेम कर सकेंगे। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
CBDT ने फॉर्म 12बीएए जारी किया
अगले फाइनेंशियल ईयर से ऐसे एंप्लॉयीज जिन्हें सैलरी के अलावा दूसरे स्रोत से इनकम होती है, उन्हें नए फॉर्म 12BAA सब्मिट करना होगा। CBDT ने 15 अक्टूबर, 2024 को यह फॉर्म जारी कर दिया है। सीबीडीटी ने कहा है कि इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 192 के सब-सेक्शन (2बी) में संशोधन किया गया है। इससे सैलरीड टैक्सपेयर्स टैक्स डिडक्शन का फायदा उठा सकेंगे।
एंप्लॉयीज फाइनेंशियल सिचुएशन के बारे में बता सकेंगे
इस नए फॉर्म से एंप्लॉयीज अपने फाइनेंशियल सिचुएशंस के बारे में एंप्लॉयर्स को बता सकेंगे। एंप्लॉयर्स को एंप्लॉयीज की सैलरी से टीडीएस काटना पड़ता है। एंप्लॉयर्स हर महीने एंप्लॉयीज की सैलरी से टैक्स काटकर उसे सरकार के पास जमा करते हैं। अब एंप्लॉयीज फॉर्म 12बीएए के जरिए अपने एंप्लॉयर को काटे गए टीडीएस के बारे में बता सकेंगे। इससे एंप्लॉयर्स यह तय कर सकेंगे कि उन्हें कितना टैक्स काटना है।
फॉर्म 12बीएए में ये जानकारियां शामिल होंगी
फॉर्म 12बीएए में फिक्स्ड डिपॉजिट, इंश्योरेंस कमीशन और शेयरों में निवेश पर डिविडेंड से जुड़ी जानकारियां हो सकती हैं। अगर एंप्लॉयी ने ऐसी खरीदारी या पेमेंट विदेशी करेंसी में किया है, जिस पर टीसीएस काटा गया है तो वह इसकी जानकारी भी फॉर्म 12बीएए के जरिए एंप्लॉयर को दे सकता है। इस फॉर्म में टीडीएस और टीसीएस दोनों के बारे में जानकारियां शामिल होंगी।
टीडीएस और टीडीएस के बारे में हर बात बतानी होगी
इस फॉर्म में एंप्लॉयीज को यह बताना होगा कि किस सेक्शन के तहत टीडीएस काटा गया। टीडीएस काटने वाले का नाम और एड्रेस भी इस फॉर्म में देना होगा। डिडक्टर का टैक्स डिडक्शन और कलेक्शन अकाउंट नंबर भी बताना होगा। कितना टैक्स काटा गया, यह भी बताना होगा। टीसीएस के मामले में भी उसे ये सभी जानकारियां देनी होगी।
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इनकम क्लबिंग की स्थिति में क्रेडिट क्लेम कर सकेंगे
अब मातापिता अपने नाबालिग बच्चों के लिए भी टीसीएस क्रेडिट क्लेम कर सकेंगे। इसके लिए सेक्शन 206सी के सब-सेक्शन (4) में संशोधन किया गया है। इससे ऐसे मातापिता टीसीएस पर क्रेडिट कर सकेंगे, जिनके नाबालिग बच्चों की इनकम उनकी इनकम में क्लब की गई है। इससे टीसीएस का क्रेडिट नाबालिग से मातापिता को हो जाएगा।