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ITR 2026: सैलरी स्लैब के हिसाब से न्यू टैक्स रिजीम में सीधे बचा सकते हैं करीब 1.5 लाख रुपये का टैक्स! ये रहा पूरा कैलकुलेशन

Income Tax Return 2026: कुछ थंब रूल ऐसे सामने आए हैं जो टैक्स की देनदारी का मामला काफी हद तक साफ कर दे रहे हैं। पर इंडिविजुअल टैक्स पेयर्स को हमेशा इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि सैलरी पर्सन टू पर्सन वैरी करती है और कोई एक रूल आपकी टैक्स देनदारी का पूरा असल खाका नहीं खींच सकता

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Jul 13, 2026 पर 10:26 AM
ITR 2026: सैलरी स्लैब के हिसाब से न्यू टैक्स रिजीम में सीधे बचा सकते हैं करीब 1.5 लाख रुपये का टैक्स! ये रहा पूरा कैलकुलेशन
Income Tax Return 2026: न्यू टैक्स रिजीम कई सैलरी स्लैब में भारी बचत दे रही है

Income Tax Return 2026: हर साल जब इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR फाइल करने का सीजन शुरू होता है तो टैक्स पेयर्स के सामने सबसे पहला और बड़ा सवाल यही होता है कि ओल्ड टैक्स रिजीम को चुनें या न्यू टैक्स रिजीम के साथ जाएं। हर कोई अपने हिसाब से टैक्स की देनदारी को कैलकुलेट कर रहा हैं। लेकिन कुछ थंब रूल ऐसे सामने आए हैं जो टैक्स की देनदारी का मामला काफी हद तक साफ कर दे रहे हैं। पर इंडिविजुअल टैक्स पेयर्स को हमेशा इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि सैलरी पर्सन टू पर्सन वैरी करती है और कोई एक रूल आपकी टैक्स देनदारी का पूरा असल खाका नहीं खींच सकता।

इसके लिए आपको एक्सपर्ट अडवाइस की हमेशा जरूरत पड़ती है। एक बात और ध्यान देने वाली है कि अब न्यू टैक्स रिजीम डिफॉल्ट विकल्प है। यानी अगर आप आईटीआर फाइल करते समय कोई विकल्प नहीं चुनते हैं तो आपका रिटर्न अपने आप न्यू टैक्स रिजीम के तहत प्रोसेस किया जाएगा। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या एक्टिव रूप से ओल्ड टैक्स रिजीम को चुनना अब भी फायदेमंद है? इसके पीछे के गणित को समझने की कोशिश करते हैं।

क्या कहता है टैक्स का गणित?

ग्रांट थॉर्नटन भारत (Grant Thornton Bharat) द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए की गई एक तुलनात्मक गणना के मुताबिक न्यू टैक्स रिजीम कई सैलरी स्लैब में भारी बचत दे रही है। इस कैलकुलेशन में 60 वर्ष से कम उम्र के एक ऐसे सैलरडी पर्सन को आधार बनाया गया है जो ओल्ड रिजीम के तहत कुल 4.25 लाख रुपये के डिडक्शन (छूट) का दावा करता है। इसमें नीचे दिए गए डिडक्शन शामिल हैं:-

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