Income Tax Return: जान लें ITR फाइलिंग के जरूरी नियम, बच जाएगा लाखों रुपये का टैक्स

Income Tax: जैसे-जैसे इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा पास आ रही है, सीनियर और सुपर सीनियर सिटीजन के लिए अलग-अलग नियमों को समझना जरूरी हो जाता है। इनकम टैक्स विभाग ने इनकम टैक्स अधिनियम 1961 के अनुसार सीनियर सिटीजन और सुपर सीनियर सिटीजन के लिए छूट, कटौतियां और फायदे तय किये हैं

अपडेटेड Jun 25, 2024 पर 9:22 AM
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Income Tax Rule: जैसे-जैसे इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा पास आ रही है, नियमों को समझना जरूरी हो गया है।

Income Tax: जैसे-जैसे इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा पास आ रही है, सीनियर और सुपर सीनियर सिटीजन के लिए अलग-अलग नियमों को समझना जरूरी हो जाता है। इनकम टैक्स विभाग ने इनकम टैक्स अधिनियम 1961 के अनुसार सीनियर सिटीजन और सुपर सीनियर सिटीजन के लिए छूट, कटौतियां और फायदे तय किये हैं। इसके जरिये सीनियर सिटीजन अपना लाखों रुपये बचा सकते हैं। इनकम टैक्स विभाग सीनियर सिटीजन को अपना टैक्स रिटर्न दाखिल करने के लिए स्पेशल इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फॉर्म देता है, जिसमें वह टैक्स छूट का फायदा उठा सकते हैं।

सीनियर सिटीजन को टैक्स फाइलिंग के लिए चाहिए ये फॉर्म

सीनियर सिटीजन को अपनी इनकम केटेगरी के आधार पर आईटीआर फॉर्म फाइल करना होता है। फाइनेंशियल ईयर में 50 लाख रुपये से कम आय वाले पेंशनर्स टैक्स फाइलिंग के लिए सहज यानी आईटीआर 1 का इस्तेमाल कर सकते हैं। एसेट्स, अन्य सोर्स या पूंजीगत लाभ से आय वाले लोगों को आईटीआर-2 का विकल्प चुनना चाहिए। कारोबारियों या कारोबार से कमाई करने वाले पेंशनर्स को ITR-3 या ITR-4 का इस्तेमाल करके टैक्स फाइल करना चाहिए।


टैक्स की लिमिट

सीनियर सिटीजन 3 लाख रुपये की बेसिक लिमिट के हकदार हैं, जबकि सुपर सीनियर सिटीजन (80 और उससे अधिक) के लिए 5 लाख रुपये की सीमा है। नए टैक्स रीजीम में (इनकम टैक्स अधिनियम, 1961 की धारा 115BAC) के अंतर्गत आने वालों के लिए भी बेसिक लिमिट 3 लाख रुपये है। इसके अलावा टैक्स कर की दरें अलग-अलग होती हैं। 3 लाख रुपये तक की आय पर कोई कर नहीं से लेकर 10 लाख रुपये से अधिक की आय पर 30% तक है।

फॉर्म 16

सीनियर सिटीजन को पेंशन के रूप में इनकम मिलती है, तो उन्हें अपने नियोक्ता से फॉर्म 16 प्राप्त करने का अधिकार है। फॉर्म 16 में उनके सैलरी के कंपोनेंट होते हैं। इसमें इनके TDS की भी जानकारी होती है। सीनियर सिटीजन फॉर्म 26AS में सभी जानकारी होती है।

कटौती

इंटरेस्ट इनकम

सीनियर सिटीजन जरूरी टैक्स कटौती का दावा करने को नजरअंदाज कर देते हैं। सीनियर सिटीजन बचत योजना में निवेशकों को धारा 80C कटौती का इस्तमाल करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। धारा 80TTB सीनियर सिटीजन को उनके बैंक खातों से मिलने वाले ब्याज इनकम पर 50,000 रुपये तक की कटौती मिलती है। यह ध्यान रखना जरूरी है कि नई कर व्यवस्था का विकल्प चुनने वाले व्यक्ति इन कटौतियों से लाभ पाने के पात्र नहीं होंगे।

फॉर्म 15H

बैंक आम तौर पर तब टीडीएस काटते हैं जब किसी सीनियर सिटीजन द्वारा अर्जित ब्याज एक वित्तीय वर्ष में 50,000 रुपये की लागू सीमा से अधिक हो जाता है। वरिष्ठ व्यक्ति अपने बैंकों से अनुरोध कर सकते हैं कि यदि उनकी आय कर योग्य सीमा से कम हो तो वे टीडीएस कटौती न करें। ऐसा करने के लिए, सीनियर सिटीजन अपने बैंकों में फॉर्म 15H जमा कर सकते हैं। टैक्स रिटर्न दाखिल करते समय फॉर्म 15H को संभाल कर रखा जा सकता है।

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