Income Tax: प्रस्तावित कॉमन आईटीआर फॉर्म के बारे में क्या है टैक्स एक्सपर्ट्स और CA की राय?

CBDT ने 1 नवंबर को कहा कि वह एक कॉमन आईटीआर फॉर्म इश्यू करना चाहता है। इसका इस्तेमाल अभी इस्तेमाल किए जा रहे कई फॉर्म की जगह पर होगा

अपडेटेड Nov 08, 2022 पर 5:07 PM
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1 नवंबर को सीबीडीटी ने कहा कि वह एक कॉमन आईटीआर फॉर्म इश्यू करना चाहता है। इसका इस्तेमाल अभी इस्तेमाल किए जा रहे कई फॉर्म की जगह पर किया जा सकेगा। कम से कम चार आईटीआर फॉर्म की जगह यह कॉमन फॉर्म लेगा। इनमें आईटीआर-2, आईटीआर-3, आईटीआर-5 और आईटीआर-6 शामिल हैं।

Central Board of Direct Taxes (CBDT) फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत में अपडेटेट इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फॉर्म जारी करता है। 1 नवंबर को सीबीडीटी ने कहा कि वह एक कॉमन आईटीआर फॉर्म इश्यू करना चाहता है। इसका इस्तेमाल अभी इस्तेमाल किए जा रहे कई फॉर्म की जगह पर किया जा सकेगा। कम से कम चार आईटीआर फॉर्म की जगह यह कॉमन फॉर्म लेगा। इनमें आईटीआर-2, आईटीआर-3, आईटीआर-5 और आईटीआर-6 शामिल हैं।

कॉमन आईटीआर फॉर्म के आने के बाद भी आईटीआर-1 और आईटीआर-4 का विकल्प मौजूद रहेंगे। आईटीआर-7 का वजूद पहले की तरह बना रहेगा। इसका इस्तेमाल पब्लिक या चैरिटेबल ट्रस्ट करते हैं। सीबीडीटी ने इस बारे में आम लोगों के साथ ही टैक्स से जुड़े लोगों की राय कॉमन फॉर्म के ड्राफ्ट पर मांगी है। राय मिलने के बाद वह फाइनल फॉर्म इश्यू करेगा।

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मनीकंट्रोल ने इस बारे में टैक्स एक्सपर्ट्स से बातचीत की। हमने पूछा कि कॉमन आईटीआर फॉर्म की कितनी जरूरत थी और इससे क्या-क्या फायदे होंगे।

Vialto Partners India के पार्टनर कुलदीप कुमार का मानना है कि कंप्लायंस को आसान बनाने की दिशा में कॉमन आईटीआर फॉर्म सरकार का सही कदम है। इससे टैक्सपेयर्स को यह सोचने की जरूरत नहीं पडे़गी कि इस साल उन्हें किस आईटीआर फॉर्म का इस्तेमाल करना है।

उन्होंने कहा कि आईटीआर फाइलिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल बढ़ रहा है। अब वह दिन दूर नहीं जब टैक्सपेयर को सिर्फ प्री-फिल्ड आईटीआर फॉर्म को ध्यान से एक बार देखना होगा। अगर उसमें कोई बदलाव जरूरी नहीं होगा तो उसी की मदद से रिटर्न फाइलिंग हो जाएगी।

AKM Global के पार्टनर संदीप सहगल ने कहा कि कॉमन आईटीआर फॉर्म आईटीआर फाइलिंग को आसान बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इसमें ऐसी जानकारियां और शिड्यूल फॉर्म में नहीं दिखाई देंगे, जिनका टैक्सपेयर से कोई वास्ता नहीं होगा। उन्होंने कहा कि फॉर्म को टैक्सपेयर्स से पूछे गए कुछ सवालों के आधार पर तैयार किया गया है। सवाल इस तरह से तैयार किए गए हैं कि अगर उनका जवाब ना होगा तो उससे जुड़े सवाल टैक्सपेयर के सामने नहीं आएंगे।

TaxManager.in के चीफ एग्जिक्यूटिव दीपक जैन ने कहा कि इनकम टैक्स अथॉरिटी रेगुलेर बेसिस पर आईटीआर फॉर्म्स को अपडेट करती रहती है। कॉमन आईटीआर फॉर्म आ जाने से टैक्सेपयर का समय बचेगा। उन्हें ऐसे शिड्यूल को चेक नहीं करना पड़ेगा, जो उन पर लागू नहीं होते हैं। टैक्स के मामले में इंटरेनेशनल पैक्टिस अपनाने की दिशा में यह कदम काफी फायदेमंद होगा।

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