इंडियन बैंक ने ग्राहकों को दी बड़ी राहत, अब अकाउंट में जीरो बैलेंस होने पर भी नहीं लगेगा चार्ज

Indian Bank: देश के बड़े पब्लिक सेक्टर बैंकों की गिनती में शामिल इंडियन बैंक ने अपने करोड़ों ग्राहकों को राहत दी है। अब बैंक मिनिमम बैलेंस अमाउंट मेंटेन नहीं करने पर चार्ज नहीं काटेगा। अब न्यूनतम बैलेंस बनाए रखने की मजबूरी ग्राहकों को नहीं होगी

अपडेटेड Jul 03, 2025 पर 2:07 PM
Story continues below Advertisement
Indian Bank: देश के बड़े पब्लिक सेक्टर बैंकों की गिनती में शामिल इंडियन बैंक ने अपने करोड़ों ग्राहकों को राहत दी है।

Indian Bank: देश के बड़े पब्लिक सेक्टर बैंकों की गिनती में शामिल इंडियन बैंक ने अपने करोड़ों ग्राहकों को राहत दी है। अब बैंक मिनिमम बैलेंस अमाउंट मेंटेन नहीं करने पर चार्ज नहीं काटेगा। अब न्यूनतम बैलेंस बनाए रखने की मजबूरी ग्राहकों को नहीं होगी। इंडियन बैंक ने 7 जुलाई 2025 से अपने सभी सेविंग अकाउंट्स पर मिनिमम बैलेंस चार्ज (Minimum Balance Charges) को पूरी तरह खत्म करने का ऐलान किया है। यानी, अब अगर आपके अकाउंट में तय की गई न्यूनतम अमाउंट नहीं भी रहेगी, तो भी बैंक कोई जुर्माना नहीं लगाएगा।

ग्रामीण इलाकों के ग्राहकों को होगा फायदा

इंडियन बैंक के इस फैसले का फायदा छात्रों, सीनियर सिटीजन, छोटे ट्रेडर्स और ग्रामीण इलाकों के ग्राहकों को मिलेगा। इससे ज्यादा से ज्यादा लोग बैंकिंग सिस्टम से जुड़ सकेंगे। बैंक का मकसद है कि बैंकिंग को सबके लिए आसान और किफायती बनाया जाए।


क्या होता है MAB?

MAB यानी मिनिमम एवरेज बैलेंस वह औसत अमाउंट होता है जिसे ग्राहकों को हर महीने अपने सेविंग अकाउंट में बनाए रखना होता है। अगर ग्राहक यह बैलेंस नहीं बनाए रखते, तो बैंक पेनाल्टी लगाता है। अब आगे से ये पेनाल्टी नहीं लगेगी।

केनरा बैंक और PNB ने भी उठाया बड़ा कदम

इंडियन बैंक से पहले केनरा बैंक और पंजाब नेशनल बैंक (PNB) भी अपने सभी सेविंग अकाउंट पर मिनिमम बैलेंस न रखने पर लगने वाला जुर्माना हटा चुके हैं। केनरा बैंक ने सबसे पहले सभी प्रकार के सेविंग अकाउंट्स के लिए एवरेज मंथली बैलेंस (AMB) की शर्त हटा दी थी। PNB ने 1 जुलाई 2025 से अपने सभी सेविंग अकाउंट्स पर MAB न रखने पर लगने वाला पेनल्टी चार्ज खत्म कर दिया।

लोन ग्राहकों को भी राहत

इंडियन बैंक ने सिर्फ सेविंग अकाउंट वालों को ही नहीं, बल्कि लोन ग्राहकों को भी राहत दी है। बैंक ने 1 साल के MCLR यानी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट में 0.05% यानी 5 बेसिस प्वाइंट की कटौती की है। अब नया MCLR 9.00% हो गया है, जो आज 3 जुलाई 2025 से लागू हो चुका है। इससे लोन की ब्याज दरें कम होंगी और EMI भी कम होगी।

10 साल पहले नोएडा में प्रॉपर्टी की कीमत? 50 लाख रुपये की प्रॉपर्टी की कीमत हुई अब इतने

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।