कार का इंश्योरेंस कराने से पहले ये 5 बातें जान लीजिए, फायदे में रहेंगे

आपको कार का इश्योरेंस कराने से पहले बीमा कंपनी का क्लेम सेटलमेंट रेशियो (CSR) जरूर चेक कर लेना चाहिए। जिसी इंश्योरेंस कंपनी का क्लेम सेटलमेंट रेशियो ज्यादा होता है, उससे बीमा कराना ठीक रहेगा

अपडेटेड Apr 06, 2022 पर 11:46 AM
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इंश्योरेंस के बगैर आप कार नहीं चला सकते। अगर आप बगैर इंश्योरेंस कार चलाते पकड़े जाते हैं तो आपको जुर्माना देना होगा।

क्या आपने अपनी कार का इंश्योरेंस (Car Insurance) चेक कर लिया है? कार का इंश्योरेंस होना बहुत जरूरी है। एक्सीडेंट, चोरी या किसी दूसरे तरह की नुकसान की स्थिति में बीमा आपको फाइनेंशियल लॉस (Financial Loss) से बचाता है। दूसरा, यह कानून के लिहाज से भी जरूरी है।

इंश्योरेंस के बगैर आप कार नहीं चला सकते। अगर आप बगैर इंश्योरेंस कार चलाते पकड़े जाते हैं तो आपको जुर्माना देना होगा। हम आपको कार के इंश्योरेंस से जुड़ी कुछ अहम बातें बता रहे हैं।

1. समय पर अपनी पॉलिसी रिन्यू कराएं

सबसे पहले आपको अपनी कार के इंश्योरेंस को चेक कर लेना चाहिए। अगर यह लैप्स कर गया है तो बगैर देरी इसका दोबारा इंश्योरेंस करा लें। अगर अगले कुछ महीनों में इंश्योरेंस लैप्स हो रहा है तो उसकी तारीख ध्यान में रखें। एक बार इंश्योरेंस लैप्स हो जाने पर आपको फिर से डॉक्युमेंटेशन प्रोसेस पूरा करना पड़ता है। इसलिए आपको पॉलिसी लैप्स करने से पहले ही उसे रिन्यू करा लेना चाहिए।


2. कंप्रिहेन्सिव पालिसी लेना फायदेमंद

मोटर व्हीकल्स एक्ट के मुताबिक थर्ड पार्टी इश्योरेंस (TPI) जरूरी है। लेकिन, आपको कंप्रिहेन्सिव पॉलिसी खरीदनी चाहिए। इसका फायदा यह है कि थर्ड पार्टी लायबिलिटी कवर करने के साथ ही यह आपकी कार के दूसरे रिस्क को भी कवर करती है। दुर्घटना, चोरी जैसे मामलों में यह आपके फाइनेंशियल लॉस की भरपाई करती है। बाढ़, भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा से नुकसान को भी यह कवर करती है।

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3. अतिरिक्त फैसिलिटी के लिए राइडर 

इंश्योरेंस कंपनियां कंप्रिहेन्सिव पॉलिसी के साथ कई तरह के राइडर्स ऑफर करती हैं। इससे आपकी कार के प्रोटेक्शन का दायरा बढ़ जाता है। उदाहरण के लिए आप रोडसाइड एसिस्टेंस का राइडर ले सकते हैं। इसमें सफर के दौरान कार में खराबी आने पर मैकेनिक की व्यवस्था, कार को सुरक्षित जगह तक ले जाने, अल्टरनेटिव कार की व्यवस्था, फ्यूल डिलीवरी आदि शामिल होती है। हालांकि, राइ़डर लेने के लिए आपको अतरिक्त रकम चुकानी पड़ती है। इससे कार इंश्योरेंस का प्रीमियम बढ़ जाता है।

4. क्लेम सेटलमेंट रेशियो चेक करें

आपको कार का इश्योरेंस कराने से पहले बीमा कंपनी का क्लेम सेटलमेंट रेशियो (CSR) जरूर चेक कर लेना चाहिए। जिसी इंश्योरेंस कंपनी का क्लेम सेटलमेंट रेशियो ज्यादा होता है, उससे बीमा कराना ठीक रहेगा। इससे क्लेम करने की स्थिति में आपको दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा। कई बीमा कंपनियां क्लेम सेटल करने में देर करती है या उसे खारिज करने के बहाने ढूंढती हैं। आम तौर पर 90 या इससे ऊपर का सीएसआर अच्छा माना जाता है।

5.नो-क्लेम बोनस का ख्याल रखें

अगर आपने बीमा कंपनी में किसी तरह का क्लेम नहीं किया है तो कंपनियां इसका रिवॉर्ड देती हैं। इस रिवॉर्ड को नो-क्लेम बोनस (NCB) कहा जाता है। इसमें आपको इंश्योरेंस की कॉस्ट में डिस्काउंट दिया जाता है। यह प्रीमियम का 20 से 50 फीसदी तक हो सकता है। एनसीबी आपको पॉलिसी की रिन्यूअल के वक्त मिलता है। हर साल एनसीबी बढ़ता जाता है। अगर कस्टमर नई कार खरीदता है तो एनसीबी को उसे ट्रांसफर कर दिया जाता है।

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