इंटरनेट यूजर्स सावधान! साल 2025 में भारत में 4.7 करोड़ से ज्यादा हुए साइबर हमले, रिपोर्ट में कही ये बात

आज के समय में ऑनलाइन बैंकिंग, शॉपिंग या सोशल मीडिया के लिए इंटरनेट इस्तेमाल करना आम बात है। ऐसे में साइबर क्राइम के खतरों से सतर्क रहना बेहद जरूरी है। साइबर सुरक्षा कंपनी कैस्परस्काई की एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2025 में भारत में इंटरनेट यूजर्स को बड़ी संख्या में ऑनलाइन हमलों का सामना करना पड़ा

अपडेटेड Mar 05, 2026 पर 6:05 PM
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साइबर क्राइम के खतरों से सतर्क रहना बेहद जरूरी है।

आज के समय में ऑनलाइन बैंकिंग, शॉपिंग या सोशल मीडिया के लिए इंटरनेट इस्तेमाल करना आम बात है। ऐसे में साइबर क्राइम के खतरों से सतर्क रहना बेहद जरूरी है। साइबर सुरक्षा कंपनी कैस्परस्काई की एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2025 में भारत में इंटरनेट यूजर्स को बड़ी संख्या में ऑनलाइन हमलों का सामना करना पड़ा। कंपनी का दावा है कि उसके सिक्योरिटी सिस्टम ने देश में 4.7 करोड़ से ज्यादा वेब आधारित साइबर खतरों को पहचानकर रोक दिया।

रिपोर्ट के अनुसार भारत में करीब 24.7 प्रतिशत इंटरनेट यूजर्स किसी न किसी तरह के ऑनलाइन खतरे की चपेट में आए। यानी लगभग हर चौथा यूजर साइबर हमलों का निशाना बना। कैस्परस्काई के मुताबिक देश में औसतन हर दिन करीब 1,30,000 से ज्यादा वेब खतरों का सामना करना पड़ा।

कैस्परस्काई सिक्योरिटी नेटवर्क के आंकड़ों के अनुसार जनवरी से दिसंबर 2025 के बीच कंपनी के सिस्टम ने भारत में 4,75,26,422 इंटरनेट आधारित साइबर खतरों को ब्लॉक किया। वेब आधारित खतरों से प्रभावित यूजर्स के मामले में भारत दुनिया में 62वें स्थान पर रहा।


रिपोर्ट में बताया गया है कि इन हमलों का सबसे आम तरीका ब्राउजर और उसके प्लग-इन्स की कमजोरियों का फायदा उठाना है। हैकर्स इन कमजोरियों का इस्तेमाल कर यूजर्स के कंप्यूटर या मोबाइल में घुसने की कोशिश करते हैं।

कंपनी के मुताबिक 2025 में फाइल रहित मैलवेयर सबसे खतरनाक साइबर हमलों में से एक रहा। यह मैलवेयर कंप्यूटर की मेमोरी में काम करता है और सिस्टम में ज्यादा निशान नहीं छोड़ता, जिससे इसे पकड़ना मुश्किल हो जाता है।

वैश्विक स्तर पर भी साइबर हमलों में बढ़ोतरी देखी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक 2025 में दुर्भावनापूर्ण ईमेल हमलों में करीब 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। दुनिया भर में भेजे जाने वाले लगभग हर दो ईमेल में से एक ईमेल स्पैम पाया गया, जिनमें स्कैम, फिशिंग और मैलवेयर शामिल थे।

एक्सपर्ट का कहना है कि इंटरनेट का उपयोग बढ़ने के साथ साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूक रहना जरूरी है। मजबूत पासवर्ड, नियमित सॉफ्टवेयर अपडेट और भरोसेमंद सिक्योरिटी टूल का इस्तेमाल साइबर खतरों से बचाव में मदद कर सकता है।

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