स्टॉक एक्सचेंजों में डिजिटल गोल्ड में इनवेस्टमेंट को मिलेगा बढ़ावा, निर्मला सीतारमण ने डबल टैक्स हटाया

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने यूनियन बजट 2023 में स्टॉक एक्सचेंजों में इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड में ट्रेडिंग को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। इस ऐलान की वजह से इनवेस्टर्स पर टैक्स का बोझ घट जाएगा। नए नियम अगले फाइनेंशियल ईयर से लागू होंगे

अपडेटेड Feb 07, 2023 पर 1:49 PM
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स्टॉक एक्सचेंजों में इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड में ट्रेडिंग का कॉन्सेप्ट यूनियन बजट 2021-22 में पेश किया गया था।

स्टॉक एक्सचेंजों में इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड में ट्रेडिंग (Trading in Electronic Gold) का कॉन्सेप्ट यूनियन बजट 2021-22 में पेश किया गया था। इसके नियम और शर्तें पहले ही आ चुकी हैं। स्टॉक एक्सचेंजों में गोल्ड में स्पॉट ट्रेडिंग को बढ़ावा देने के लिए यूनियन बजट 2023 (Union Budget 2023) में कुछ उपायों के ऐलान किए गए हैं। ये ई-गोल्ड (E-Gold) के लिए हैं। नए फ्रेमवर्क के तहत स्पॉट एक्सचेंजों पर इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स (EGR) के फॉरमैट में सेबी में रजिस्टर्ड वॉल्ट मैनेजर्स के जरिए यह ट्रेडिंग होती है।

अभी क्या है नियम?

इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड ट्रेडिंग में दिलचस्पी रखने वाले इनवेस्टर्स के पास अपने फिजिकल गोल्ड को स्पॉट एक्सचेंज में बेचने के लिए इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड में कनवर्ट करने का ऑप्शन होता है। EGR के खरीदार के पास भी लोकल मार्केट में बेचने के लिए फिजिकल गोल्ड में डिलीवरी लेने का ऑप्शन होता है। फिजिकल गोल्ड को ईजीआर में कनवर्ट करने और EGR को फिजिकल गोल्ड में कनवर्ट करने पर इनवेस्टर्स को टैक्स चुकाना होता है।


यूनियन बजट 2023 में क्या ऐलान किया गया है?

इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड को बढ़ावा देने के लिए यूनियन बजट 2023 में एक बड़ा ऐलान किया गया है। इसमें कहा गया है कि अगर सेबी में रजिस्टर्ड वॉल्ट मैनेजर्स के जरिए फिजिकल गोल्ड को ईजीआर में और EGR को फिजिकल गोल्ड में कनवर्ट कराया जाता है तो उस पर टैक्स लागू नहीं होगा। इसलिए इस संशोधन के लागू होने के बाद फिजिकल गोल्ड को इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड और इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड को फिजिकल में कनवर्ट करने पर कैपिटल गेन टैक्स नहीं चुकाना होगा। कैपिटल गेन टैक्स तभी चुकाना होगा जब एक्सचेंज पर इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड को उस व्यक्ति की तरफ से बेचा जाता है जिसने उसे फिजिकल गोल्ड से EGR में कनवर्ट कराया है।

इसी तरह जब दूसरा इनवेस्टर एक्सचेंज पर इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड को खरीदता है और बाद में उसे फिजिकल गोल्ड में कनवर्ट कराने के बाद फिजिकल मार्केट में बेच देता है तो उसे सिर्फ फिजिकल गोल्ड को बेचने के वक्त ही टैक्स चुकाना होगा।

कैपिटल गेंस टैक्स के कम्प्यूटेशन के लिए निम्नलिखित संशोधन भी किए जा रहे हैं:

1. स्पॉट एक्सचेंज में बेचने के लिए ईजीआर की कॉस्ट ऑफ एक्जिशन और फिजिकल गोल्ड को ईजीआर में कनवर्ट करने पर होल्डिंग पीरियड

जब फिजिकल गोल्ड को इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड में कनवर्ट कराया जाएगा तो फिजिकल गोल्ड की पर्चेज कॉस्ट को ईजीआर की कॉस्ट मानी जाएगी और फिजिकल गोल्ड के होल्डिंग पीरियड को एसेट के नेचर के हिसाब से शॉर्ट टर्म या लॉन्ग टर्म मानते हुए ईजीआर के होल्डिंग पीरियड में जोड़ दिया जाएगा।

2. जब ईजीआर एक्सचेंज में खरीदा जाता है तो उसकी कॉस्ट और होल्डिंग पीरियड और बाद में उसे कनवर्ट कराने और फिजिकल गोल्ड के रूप में बेचने पर

इस मामले में ईजीआर खरीदने की कॉस्ट को फिजिकल गोल्ड खरीदने की कॉस्ट माना जाएगा और ईजीआर की होल्डिंग पीरियड को भी फिजिकल गोल्ड के होल्डिंग पीरियड को कंप्यूट करने के लिए ध्यान में रखा जाएगा। ऐसा लॉन्ग टर्म या शॉर्ट टर्म कैपिटल एसेट मानते हुए किया जाएगा।

उपर्युक्त संशोधन फाइनेंशियल ईयर 2023-24 से लागू होंगे। गोल्ड को ईजीआर में और ईजीआर को गोल्ड में कनवर्ट कराने पर लगने वाले दोहरे टैक्स को हटा देने से इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड के कॉन्सेप्ट को पक्के तौर पर बढ़ावा मिलेगा।

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