क्रिप्टोकरेंसी पर निर्मला सीतारमण का बड़ा बयान, कहा-टैक्स लगाने का मतलब यह नहीं कि इसे वैध किया गया है

शुक्रवार को निर्मला सीतामरण के बयान के बाद यह साफ हो गया है कि क्रिप्टो पर सरकार की पॉलिसी क्या होगी, इसका अंदाजा लगाना अभी मुश्किल है

अपडेटेड Feb 11, 2022 पर 1:11 PM
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वित्त मंत्री का यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब बजट में क्रिप्टो पर टैक्स के एलान के बाद इसके वैध होने का अनुमान लगाया जा रहा था।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharman) ने क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) पर बड़ा बयान दिया है। बजट पर राज्यसभा में चर्चा का जवाब देते हुए उन्होंने कहा है कि सरकार ने सिर्फ क्रिप्टोकरेंसी से प्रॉफिट पर टैक्स लगाया है। सरकार ने इसे वैध बनाने, प्रतिबंध लगाने या रेगुलेट करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है। वित्त मंत्री का यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब बजट में क्रिप्टो पर टैक्स (Tax on Crypto) के एलान के बाद इसके वैध होने का अनुमान लगाया जा रहा था।

सीतारमण ने कहा, "मैं इसे अभी लीगलाइज या बैन करने नहीं जा रही हूं। इस पर प्रतिबंध लगाने या नहीं लगाने का फैसला बाद में होगा। जब हमें इसके बारे में पूरा इनपुट मिल जाएगा, फिर यह फैसला होगा।" वित्त मंत्री के इस बयान के बाद क्रिप्टोकरेंसी को लेकर फिलहाल तस्वीर बदल जाने का अनुमान है।

फाइनेंस मिनिस्टर ने बीते हफ्ते बजट पेश करने के दौरान कहा था कि वर्चुअल एसेट (Virtual Asset) से हुए मुनाफे पर 30 फीसदी टैक्स (Tax on crypto) लगेगा। इसके अलावा इसके ट्रांजेक्शन पर भी 1 फीसदी टीडीएस (1 percent TDS on Crypto) लगाने का ऐलान किया गया था। इससे यह माना जा रहा था कि सरकार ने क्रिप्टोकरेंसी को लीगलाइज करने की दिशा में पहला कदम बढ़ा दिया है। लेकिन, शुक्रवार को निर्मला सीतामरण के बयान के बाद यह साफ हो गया है कि क्रिप्टो पर सरकार की पॉलिसी क्या होगी, इसका अंदाजा लगाना अभी मुश्किल है।


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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) क्रिप्टोकरेंसी को मान्यता देने के खिलाफ रहा है। उसने बार-बार कहा है कि इसे मान्यता देने से देश की सुरक्षा को खतरा पैदा होगा। इसके अलावा इकोनॉमिक और फाइनेंशियल स्टैबिलिटी के लिए भी ठीक नहीं है। उसने अपनी डिजिटल करेंसी लॉन्च करने का ऐलान किया है।

सरकार ने भी क्रिप्टोकरेंसी पर ठोस नियम और कानून बनाने के लिए संसद में बिल पेश करने का फैसला किया है। यह बिल संसद के शीतकालीन सत्र में आने वाला था। लेकिन, इसे लेकर चर्चा पूरी नहीं होने की वजह से इसे पेश नहीं किया गया। सरकार इससे जुड़े सभी पक्षों की राय जानने की कोशिश कर रही है।

पिछले कुछ सालों में लोगों ने क्रिप्टोकरेंसी खासकर बिटकॉइन में इन्वेस्ट कर खूब पैसे कमाए हैं। इसके चलते इसमें निवेश की चाहत लगातार बढ़ी है। अभी इंडिया में क्रिप्टकरेंसी के 1.5 करोड़ से ज्यादा इन्वेस्टर्स है। बजट में टैक्स के ऐलान के बाद से इन्वेस्टर्स ने चैन की सांस ली थीं। उन्हें लगा था कि इंडिया में क्रिप्टो लीगल एसेट हो जाएगी। लेकिन, फाइनेंस मिनिस्टर के शुक्रवार को आए बयान से इस बारे में तस्वीर अनिश्चित दिखाई दे रही है।

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