दुनिया का सबसे बड़ा सामाजिक सुरक्षा संगठन EPFO या कर्मचारी भविष्य निधि संगठन भारत में प्रॉविडेंट फंड, पेंशन और अनिवार्य जीवन बीमा के नियमन और प्रबंधन के लिए जवाबदेह है। लेकिन आपके लिए नई बात यह है कि ईपीएफओ मेंबर अब अपने EPF खाते से भारतीय जीवन बीमा निगम (Life Insurance Corporation) यानी LIC का प्रीमियम भी जमा कर सकते हैं। लाइवमिंट ने अपनी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी है।
ईपीएफओ में जमा करना होगा फॉर्म 14
कर और निवेश विशेषज्ञों के मुताबिक, ईपीएफ खाते (EPF account) से LIC प्रीमियम के भुगतान के लिए EPFO में फॉर्म 14 जमा करने की जरूरत होती और इस फॉर्म को जमा करते समय आपके ईपीएफ खाते में मौजूद धनराशि कम से कम आपके दो साल के LIC प्रीमियम के बराबर होनी चाहिए।
ईपीएफ खाते से LIC प्रीमियम के भुगतान की सुविधा पर, ऑप्टिमा मनी मैनेजर्स के संस्थापक और प्रबंध निदेशक पंकज मठपाल ने कहा, “एक EPFO मेंबर को EPFO में फॉर्म 14 जमा करने पर प्रॉविडेंट फंड (पीएफ) से एक बार ही LIC प्रीमियम के भुगतान की सुविधा दी जाती है।” उन्होंने कहा कि एलआईसी की पॉलिसी खरीदते समय या उसके बाद एलआईसी प्रीमियम जमा करने के लिए इस सुविधा का लाभ लिया जा सकता है।
ईपीएफ खाता और एलआईसी पॉलिसी को करना होगा लिंक
इस संबंध में ट्रांसेंड कैपिटल के डायरेक्ट-इन्वेस्टमेंट कार्तिक झावेरी ने कहा, “इस सुविधा का लाभ लेने के लिए यह फॉर्म जमा करना होता है और एलआईसी व ईपीएफओ दोनों को एलआईसी पॉलिसी व ईपीएफ खाते को जोड़ने की अनुमति देनी होती है। हालांकि, इस बात को ध्यान रखना चाहिए कि ईपीएफओ की यह सुविधा सिर्फ एलआईसी प्रीमियम के भुगतान पर ही उपलब्ध है। किसी दूसरी बीमा कंपनी के प्रीमियम के भुगतान के लिए इसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।”
कोविड-19 संकट में एक सौगात है यह सुविधा
मुंबई के कर और निवेश विशेषज्ञ बलवंत जैन ने वित्तीय संकट के दौर में इस सुविधा को वरदान बताते हुए कहा, “मौजूदा कोविड-19 संकट के दौर में वित्तीय दबाव से से जूझ रहे लोगों के लिए यह सुविधा एक सौगात के समान है।” जैन ने कहा कि एक प्रोफेशनलल के लिए एलआईसी और ईपीएफ दोनों अहम हैं, लेकिन इस सुविधा का इस्तेमाल वित्तीय संकट में ही करना चाहिए।