रिजर्व बैंक ने 8 फरवरी को रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट का इजाफा किया था। ताजा इजाफे के बाद रेपो रेट 6.50 फीसदी के स्तर पर पहुंच गई है। जहां आरबीआई के इस फैसले से लोन और ईएमआई चुकाने वाले ग्राहकों को निराशा हाथ लगी है तो वहीं दूसरी तरफ फिक्स्ड डिपॉजिट जैसी योजनाओं में निवेश करने वालों को इससे फायदा होगा।
बैंक बढ़ा सकते हैं FD पर ब्याज
RBI द्वारा रेपो रेट बढ़ाने के बाद अक्सर ही बैंकों द्वारा भी FD पर इंट्रेस्ट रेट को बढ़ा दिया जाता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक जहां एक तरफ रेपो रेट में इजाफा होने से लोन की दरों में भी बढ़ोतरी देखने को मिलती है तो वहीं दूसरी तरफ बैंकों द्वारा एफडी इंट्रेस्ट रेट में भी इजाफा किया जाता है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक रेपो रेट में इजाफा होने से निश्चित ही एफडी निवेशकों को फायदा होगा। इससे जमा दर की मार्जिन बढ़ेगी और जिससे एफडी निवेशकों को ज्यादा फायदा मिलेगा। लोग इस योजना में निवेश को लेकर भी प्रोत्साहित होंगे और बाजार में फ्री फ्लोटिंग मनी में भी कमी आएगी।
इस वजह से बढ़ाया जाता है FD पर इंट्रेस्ट रेट
रेपो रेट में इजाफे के बाद सभी तरह के लोन जैसे कि होम लोन और पर्सनल लोन पर ज्यादा ब्याज देना पड़ता है। जिस वजह से बैंकों को दिए गए लोन पर ग्राहकों की तरफ से ज्यादा ब्याज मिलता है और बैंकों को ज्यादा रिटर्न मिलता है। बैंक इस ज्यादा रिटर्न से हुए मुनाफे का फायदा ग्राहकों कों एफडी पर ज्यादा ब्याज के रूप में देते हैं। इससे पहले भी जब आरबीआई द्वारा रेपो रेट में इजाफा किया गया था तो उस वक्त भी बैंकों की तरफ से एफडी पर इंट्रेस्ट रेट को बढ़ाया गया था।