Public Provident Fund : पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (पीपीएफ) एक सरकारी टैक्स सेविंग स्कीम है, जो इन्वेस्टर को रिटायरमेंट के लिए फंड तैयार करने के साथ ही हर साल इनकम टैक्स में सेविंग कराती है। पीपीएफ अकाउंट (PPF Account) पूरी तरह रिस्क फ्री है और यह उन चुनिंदा स्कीम्स में से एक है जो 6 फीसदी की एनुअल इनफ्लेशन ग्रोथ से ज्यादा रिटर्न दे रही हैं। हम यहां इससे जुड़ी 10 अहम बातें बता रहे हैं, जो निवेश से पहले आपको जानना जरूरी है...
1. पीपीएफ इंटरेस्ट रेट : वर्तमान में पीपीएफ इंटरेस्ट (PPF interest) रेट 7.10 फीसदी है। पीपीएफ इंटरेस्ट रेट की गणना मासिक आधार पर की जाती है, लेकिन सालाना जोड़ी जाती है।
2. पीपीएफ इंटरेस्ट कैलकुलेटर : पीपीएफ इंटरेस्ट महीने की 5 से आखिरी तारीख के बीच उपलब्ध मिनिमम पीपीएफ अकाउंट बैलेंस पर दिया जाता है। इसलिए, यदि एक पीपीएफ अकाउंट होल्डर किसी महीने की 1 से 4 महीने के बीच पैसा जमा करता है तो इन्वेस्टर उस महीने के लिए पीपीएफ इंटरेस्ट के लिए पात्र होगा। इसलिए पीपीएफ इन्वेस्टर को महीने की 1 से 4 तारीख के बीच पैसा जमा करने की सलाह दी जाती है।
3. पीपीएफ डिपॉजिट : एक पीपीएफ अकाउंट होल्डर को अपने अकाउंट को एक्टिव रखने के लिए एक फाइनेंशियल ईयर में कम से कम 500 रुपये जमा करने चाहिए, जबकि एक एक फाइनेंशियल ईयर में 1.5 लाख रुपये से ज्यादा के इन्वेस्ट करने पर सरप्लस रकम पर इंटरेस्ट नहीं मिलेगा।
4. पीपीएफ अकाउंट रूल्स : एक व्यक्ति एक ही पीपीएफ अकाउंट खोल सकता है और पीपीएफ अकाउंट के मामले में ज्वाइंट अकाउंट खोलने की अनुमति नहीं है।
5. पीपीएफ विदड्राल रूल्स : 15 साल पूरा होने के बाद, मैच्योरिटी पर एक पीपीएफ अकाउंट होल्डर पूरी धनराशि निकाल सकता है। हालांकि, फाइनेंशिय इमरजेंसी की स्थिति में, स्कीम अकाउंट के 7 साल पूरा होने के बाद पार्शियल विदड्राल की अनुमति होती है। पीपीएफ अकाउंट खुलने के 4 साल पूरा होने पर प्रीमैच्योर विदड्राल की अनुमति है।
6. इनकम टैक्स बेनिफिट : जैसा कि ऊपर बताया गया है कि पीपीएफ अकाउंट में 1.5 लाख रुपये तक के इन्वेस्टमेंट पर इनकम टैक्स छूट ली जा सकती है। इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80सी में यह प्रोविजन किया गया है। इसी प्रकार, पीपीएफ मैच्योरिटी पर मिल धनराशि विदड्राल पर पूरी तरह कर मुक्त होती है।
7. पीपीएफ अकाउंट को कैसे एक्टीवेट करें : एक फाइनेंशिय ईयर में मिनिमम 500 रुपये जमा करने में नाकाम रहने पर पीपीएफ अकाउंट फ्रीज हो जाता है। इसे फिर से एक्टीवेट करने के लिए, 50 रुपये प्रति वर्ष की पेनल्टी देनी होती है।
8. सिक्योरिटी अगेंस्ट बैंकरप्सी : एक पीपीएफ अकाउंट को कर्ज चुकाने के लिए किसी व्यक्ति द्वारा अटैच नहीं किया जा सकता है, यहां तक कोर्ट के आदेश से भी नहीं।
9. पीपीएफ अकाउंट एक्सटेंशन : 15 की मैच्योरिटी अवधि पूरी होने पर, एक अकाउंट होल्डर एक पीपीएफ अकाउंट को 5 साल के ब्लॉक में असीमित बार एक्सटेंड कर सकता है।
10. लोन अगेंस्ट पीपीएफ : एक अकाउंट होल्डर अकाउंट खुलने के तीसरे से 5वें साल के बीच पीपीएफ अकाउंट पर लोन लेने के लिए इलिजिबल है। लोन अमाउंट लोन एप्लीकेशन से ठीक पहले के वर्ष की अधिकतम 25 फीसदी हो सकती है।