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₹50,000 महीना है सैलरी? 8-3-4 नियम से सिर्फ 15 साल में बन सकते हैं करोड़पति

काफी संख्या में लोग बचत यानी सेविंग्स के जरिए करोड़पति बनने की ख्वाहिश रखते हैं। हालांकि शायद ही कोई यह जानता हो कि 50,000 रुपये प्रति महीने की सैलरी पर भी ऐसा करना संभव है। यह सुनने में भले ही थोड़ा हैरानी भरा लगा, लेकिन अगर आपने चक्रवृद्धि ब्याज की ताकत को समझ लिया, तो आप आसानी से 15 सालों में इस लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं। इसके लिए आपको 8-4-3 के नियम को अपनाना होगा

Moneycontrol Newsअपडेटेड Nov 19, 2024 पर 5:13 PM
₹50,000 महीना है सैलरी? 8-3-4 नियम से सिर्फ 15 साल में बन सकते हैं करोड़पति
8-4-3 का फॉर्मूला अपना कर निवेशक अपने पैसे पर तेजी से रिटर्न कमा सकते हैं

काफी संख्या में लोग बचत यानी सेविंग्स के जरिए करोड़पति बनने की ख्वाहिश रखते हैं। हालांकि शायद ही कोई यह जानता हो कि 50,000 रुपये प्रति महीने की सैलरी पर भी ऐसा करना संभव है। यह सुनने में भले ही थोड़ा हैरानी भरा लगा, लेकिन अगर आपने चक्रवृद्धि ब्याज की ताकत को समझ लिया, तो आप आसानी से 15 सालों में इस लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं। इसके लिए आपको 8-4-3 के नियम को अपनाना होगा। साथ ही इस पूरी अवधि के दौरान निवेश में अनुशासन बनाए रखना होगा। आइए समझते हैं कि कैसे 8-4-3 का फार्मूला, चक्रवृद्धि ब्याज के साथ मिलकर किसी को करोड़पति बनने में मदद कर सकता है।

चक्रवृद्धि ब्याज यानी कंपाउंडिंग की ताकत क्या है?

कंपाउंडिंग निवेश का वह तरीका है, जिससे साल दर साल तेजी से पैसा बढ़ता है। इस तरीके में निवेश पर मिलने वाले ब्याज को निकाला नहीं जाता है, बल्कि उसे वापस निवेश कर दिया जाता है। इससे हर साल निवेश की राशि बढ़ती जाती है और उस पर मिलने वाला ब्याज भी उसी के मुताबिक बढ़ता जाता है। इस तरीके के काफी कम समय में पैसा कई गुना बढ़ जाता है।

8-4-3 का फॉर्मूला क्या है

8-4-3 का फॉर्मूला कंपाउंडिंग से जुड़ा हुआ है। इस फॉर्मूले को अपना कर निवेशक अपने पैसे पर तेजी से रिटर्न पा सकता है। आइए इसे एक उदाहरण से समझते हैं:

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