क्या इंपोर्ट ड्यूटी से बचने के लिए दुबई से गोल्ड खरीदने में समझदारी है? जानिए क्या हैं एक्सपर्ट्स के जवाब

19 सितंबर को दुबई में 22 कैरेट के 1 ग्राम सोने की कीमत 196.50 AED यानी 4,250 रुपये थी। उस दिन इंडियन मार्केट (मुंबई) में इसका प्राइस 4,656 रुपये प्रति ग्राम था। इसकी मुख्य वजह यह है कि इंडियन गवर्नमेंट ने सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाकर 15 फीसदी कर दी है

अपडेटेड Sep 29, 2022 पर 12:56 PM
Story continues below Advertisement
इस त्योहारी सीजन में इंडिया के ज्वैलर्स को दुबई से कड़ी टक्कर मिल रही है।

क्या आप यह सोचते हैं कि दुबई (Dubai) में सोना (Gold) सस्ता है? अगर आप सिर्फ गोल्ड ज्वैलरी पर लगे स्टिकर को देखेंगे तो आपको यह बात सही लग सकती है। लेकिन, इस मसले से कई दूसरे पहलू भी जुड़े हैं। इनके बारे में जानने के बाद आप दुबई में गोल्ड खरीदने के अपने प्लान के बारे में दो बार सोचेंगे।

19 सितंबर को दुबई में 22 कैरेट के 1 ग्राम सोने की कीमत 196.50 AED यानी 4,250 रुपये थी। उस दिन इंडियन मार्केट (मुंबई) में इसका प्राइस 4,656 रुपये प्रति ग्राम था। इसकी मुख्य वजह यह है कि इंडियन गवर्नमेंट ने सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाकर 15 फीसदी कर दी है। सरकार ने इस जुलाई ड्यूटी 10.75 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दी।

यह भी पढ़ें : Vedanta के अनिल अग्रवाल ने कहा, इंडिया को 5वीं सबसे बड़ी इकोनॉमी बनाने में युवाओं का बड़ा योगदान


इंडिया में सोनों को लेकर लोगों का लगाव सरकार पर भारी पड़ रहा है। सोने का इंपोर्ट बढ़ने से रुपया दबाव में आया है। डॉलर के मुकाबले यह लगातार कमजोर हो रहा है। मई में इंडिया में सोने का इंपोर्ट 790 फीसदी बढ़कर 6 अरब डॉलर पहुंच गया। इस वजह से सरकार इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने के लिए मजबूर हुई।

इस त्योहारी सीजन में इंडिया के ज्वैलर्स को दुबई से कड़ी टक्कर मिल रही है। दुबई में सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी नहीं है। इसलिए दुबई में सोना खरीदना सस्ता पड़ता है। लेकिन, अगर आप अगली छुट्टियों के दौरान दुबई में सोना खरीदने का प्लान बना रहे हैं तो आपको फायदा नहीं होने वाला है। इसकी वजह यह है कि अगर आप सोना दुबई से इंडिया लाते हैं तो उस पर ड्यूटी चुकानी होगी। दुबई में मेकिंग चार्ज भी ज्यादा है।

इंडिया में दशहरा, धनतेरस और दिवाली के मौके पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है। इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने के बाद दुबई में रहने वाले NRI को नाते-रिश्तेदार दिवाली में इंडिया लौटने पर साथ में सोना लाने को कह रहे हैं। दुबई में एक रिस्क मैनेजमेंट कंपनी में काम करने वाले 38 साल के अकिल कुरियन ने कहा, "मेरे कजन की शादी नवंबर में हो रही है। उसने मुझे दिवाली पर इंडिया आने पर कई चीजें साथ लाने के लिए पूरी लिस्ट भेज दी है।"

दुबई के मीना बाजार, गोल्ड सुक और बनिया स्ट्रीट की दुकानें इंडियन ग्राहकों से भरी हुई हैं। दुबई के बाजारों में Malabar Gold, Joyallukas, Kalyan Jewellers, Popley, Tanishq और Atlas Jwewllers जैसे इंडियन ज्वैलरी ब्रांड्स भी मौजूद हैं।

दुबई के मीना बाजार में ज्वैलरी के बड़े आउटलेट Damas के एक सेल्सपर्सन ने बताया, "पिछली तिमाही में इंडियन पासपोर्ट रखने वाले ग्राहकों को बिक्री 30 फीसदी बढ़ी है। ज्यादातर ग्राहक 18 कैरेट में नेकलेस और पेंडेंट सेट्स खरीद रहे हैं। 22 कैरेट ज्वैलरी की भी मांग आ रही है।"

इंडिया में अब सोने के लिए हॉलमार्किंग जरूरी है। इससे ग्राहकों का भरोसा बढ़ा है। ऑल इंडिया जेम एंड ज्वैलरी डोमेस्टिक काउंसिल के चेयरमैन आशीष पेठे ने कहा, "इंडिया के 282 जिलों में हॉलमार्किंग अनिवार्य हो चुका है। कुल मिलाकर 15 फीसदी की इंपोर्ट डयूटी और 3 फीसदी जीएसटी की वजह से कीमतों में 18.45 फीसदी का अंतर हो जाता है। लेकिन, दुबई और इंडियन प्राइस के बीच वास्तविक अंतर इससे काफी कम है, क्योंकि दुबई में स्टोर्स की ऑपरेशनल कॉस्ट बहुत ज्यादा है।"

इंडिया से नेकलेस का आयात किया जाता है इसलिए इंडिया में लगने वाला मेकिंग चार्ज कम होता है। लेकिन, ज्वैलरी दुबई पहुंचने पर मेकिंग चार्ज बढ़ जाता है। दुबई में Popley Group of Jewellers के डायरेक्टर राजीव पोपली ने कहा, "इंडिया में मेकिंग चार्ज करीब 7 फीसदी बैठता है। लेकिन, दुबई में इसमें काफी अंतर मिलेगा। खासकर तब जब हम इसे इस्तांबुल, मलेशिया या इटली से मंगाते हैं।"

gold price at dubai

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।