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क्या गोल्ड ज्वैलरी है वेल्थ? 86% भारतीयों ने माना MF-शेयर्स की तरह सोना है जरूरी

Gold: भारतीय घरों में गहनों की भूमिका तेजी से बदल रही है। अब ज्वेलरी सिर्फ शादी-ब्याह या त्योहारों तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह निवेश और वेल्थ बनाने का अहम जरिया बन चुकी है। Deloitte India की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक 86% ग्राहक सोने और ज्वेलरी को अपनी वेल्थ प्लानिंग का मुख्य हिस्सा मानते हैं

Edited By: Sheetalअपडेटेड Jan 07, 2026 पर 5:24 PM
क्या गोल्ड ज्वैलरी है वेल्थ? 86% भारतीयों ने माना MF-शेयर्स की तरह सोना है जरूरी
अब ज्वेलरी सिर्फ शादी-ब्याह या त्योहारों तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह निवेश और वेल्थ बनाने का अहम जरिया बन चुकी है।

Gold: भारतीय घरों में गहनों की भूमिका तेजी से बदल रही है। अब ज्वेलरी सिर्फ शादी-ब्याह या त्योहारों तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह निवेश और वेल्थ बनाने का अहम जरिया बन चुकी है। Deloitte India की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक 86% ग्राहक सोने और ज्वेलरी को अपनी वेल्थ प्लानिंग का मुख्य हिस्सा मानते हैं। यह आंकड़ा म्यूचुअल फंड और शेयर जैसे मार्केट-लिंक्ड निवेश (87%) के लगभग बराबर है।

रिपोर्ट बताती है कि आज ज्वेलरी खरीदने के पीछे एक नहीं, बल्कि कई वजहें होती हैं। करीब 56% लोग ज्वेलरी को निवेश और फैशन दोनों के तौर पर खरीदते हैं, जबकि 28% ग्राहक केवल निवेश के लिए गहने लेते हैं। खास बात यह है कि निवेश के मकसद से ज्वेलरी खरीदने का रुझान पुरुषों और 45 साल से ऊपर के लोगों में ज्यादा देखा गया है। ये कैपिटल सेफ्टी पर ज्यादा फोकस करते हैं।

वहीं, युवा पीढ़ी बाजार को नया रूप दे रही है। रिपोर्ट के अनुसार, 49% लोग हल्की और मिनिमल ज्वेलरी पसंद करते हैं, जबकि सिर्फ 15% भारी और पारंपरिक गहनों को चुनते हैं। खासतौर पर Gen Z और मिलेनियल्स के लिए ज्वेलरी अब रोजमर्रा के पहनावे का हिस्सा बनती जा रही है।

मेटल के चुनाव में भी बदलाव साफ दिख रहा है। Gen Z के 51% लोग चांदी को पसंद करते हैं और 34% प्लेटिनम को। इसके अलावा, 45% Gen Z और मिलेनियल्स चांदी की ज्वेलरी में निवेश कर रहे हैं। कम कीमत, आसान उपलब्धता और मॉडर्न डिजाइन की वजह से चांदी रोजाना इस्तेमाल के लिए फेमस हो रही है। हालांकि, यह सोने की जगह नहीं ले रही, बल्कि उसके साथ एक एक्स्ट्रा ऑप्शन बन रही है।

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