इन दिनों निवेशकों में कॉर्पोरेट बॉन्ड्स की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है, खासकर उन लोगों में जो एफडी से ज्यादा रिटर्न चाहते हैं और थोड़ा रिस्क लेने को तैयार हैं। कंपनियां कॉर्पोरेट बॉन्ड्स के जरिए ऑपरेशनल ग्रोथ और विस्तार के लिए फंड जुटाती हैं। इन बॉन्ड्स पर निवेशक को तय समय तक फिक्स्ड ब्याज मिलता है, और पूरी प्रक्रिया को सेबी देखता है।
